
नर्मदापुरम / प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय नर्मदा महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा ‘वित्तीय साक्षरता तथा जागरूकता’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीना कीर ने अतिथियों का स्वागत किया और विषय प्रवर्तन करते हुए आय, बचत एवं विनियोग के माध्यम से ‘वेल्थ क्रिएशन’ में पैसिव इनकम की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने किराया, ब्याज और सही विनियोग जैसे पैसिव आय के विभिन्न स्रोतों की विस्तार से जानकारी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस बचत को सही समय पर सही माध्यमों में विनियोग में बदलना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सेबी (SEBI) के डिप्टी जनरल मैनेजर होशांग चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि अल्पकालिक लक्ष्यों के लिए बचत उपयोगी है, लेकिन दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केवल बचत कारगर नहीं होती। मुद्रास्फीति तथा महंगाई के कारण मुद्रा का वास्तविक मूल्य घटता रहता है, इसलिए ऐसे वित्तीय साधनों में निवेश करना चाहिए जिनकी प्रतिफल दर मुद्रास्फीति की दर से अधिक हो।
राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मंदसौर की वाणिज्य विषय की सहायक प्राध्यापक डॉ. आरती पडियार ने कहा कि निवेश का चयन करते समय तरलता, जोखिम, लागत और रिटर्न की दर जैसे प्रमुख कारकों का सही विश्लेषण करना अनिवार्य है।
वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. योगेश खंडेलवाल ने विनियोग में ‘कम्पाउंडिंग’ की शक्ति को समझाया। उन्होंने कहा कि निवेश की शुरुआत जितनी जल्दी की जाए, लाभ उतना ही अधिक होता है। शुरुआत में निवेश की गति धीमी लग सकती है, लेकिन दीर्घकाल तक निवेशित रहने पर यह तीव्र गति से बढ़ता है।
डॉ. केशव मिश्रा ने वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने प्रतिभागियों को राशि दोगुनी करने के झांसों, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स, डीपफेक वीडियो और सोशल मीडिया के अपुष्ट सुझावों से सतर्क रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश श्रीवास्तव ने एवं आभार प्रदर्शन डॉ. मालती पटेल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. रोशनी थापक, डॉ. दशरथ मीणा, डॉ. रीना सक्सेना, डॉ. ज्योति बैरागी, डॉ. एस. के. झा, डॉ. नीता वर्मा, डॉ. उमेश सेन, सुश्री सेजल राजपूत, डॉ. गरिमा दुबे, सुश्री क्षमा वर्मा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

