
नर्मदापुरम / रानी दुर्गावती जयंती गोंडवाना साम्राज्य की महान और निडर शासक, रानी दुर्गावती की जयंती (जन्मदिन) है, जो प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को मनाई जाती है। यह दिन उनकी वीरता, कुशल प्रशासन और देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
रानी दुर्गावती कौन थीं?
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गोंडवाना की शासक: वह 16वीं शताब्दी में मध्य प्रदेश के गोंडवाना साम्राज्य (गढ़ा-मंडला) की चंदेल राजपूत रानी थीं। अपने पति राजा दलपत शाह के निधन के बाद, उन्होंने अपने छोटे बेटे वीर नारायण के संरक्षक के रूप में शासन संभाला।
कुशल प्रशासक: उन्होंने अपने राज्य में विकास कार्य कराए, तालाब और बावड़ियाँ बनवाईं और प्रजा का पूरा ध्यान रखा। उनकी राजधानी सिंगोरगढ़ से हटाकर चौरागढ़ बनाई गई थी, जो सुरक्षा के लिहाज से एक मजबूत किला था।
इस दिन का महत्व क्या है?
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मुगलों से टक्कर: रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट अकबर के सेनापति आसफ खान के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। संख्या में कम सैनिक होने के बावजूद उन्होंने मुगलों की सेना को तीन बार पीछे हटने पर मजबूर किया।
स्वाभिमान का प्रतीक: जब वे युद्ध में गंभीर रूप से घायल हो गईं, तो उन्होंने मुगलों के हाथों बंदी बनने के बजाय अपनी ही कटार से अपने प्राण त्याग दिए (24 जून को, जिसे बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है)।
यह जयंती विशेष रूप से मध्य प्रदेश में बहुत बड़े स्तर पर मनाई जाती है, जहाँ सरकारी और सामाजिक स्तर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। (संकलन – प्रीति चौहान)

