


नर्मदापुरम / शहर के नलिन पटेल ने बताया कि नर्मदापुरम शहर के भीलपुरा क्षेत्र में स्थित शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान ही नहीं, बल्कि शहर की 100 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक धरोहर भी है। यह विद्यालय मां नर्मदा नदी के समीप तथा ऐतिहासिक हुस्रांग शाह गोरी के किले के आसपास स्थित होने के कारण नर्मदापुरम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे बचाने कलेक्टर से गुहार लगाएंगे।
हमें बताया कि अत्यंत खेद के साथ अवगत कराना पड़ रहा है कि वर्तमान में इस ऐतिहासिक विद्यालय भवन एवं उसके आसपास के क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। विद्यालय परिसर तथा आसपास गंदगी एवं कचरे का अंबार दिखाई देता है। वहीं विद्यालय की पुरानी इमारत भी जर्जर अवस्था की ओर बढ़ रही है तथा भवन के संरक्षण एवं आवश्यक मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है।
यह स्थिति न केवल विद्यालय की गरिमा को प्रभावित कर रही है, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आसपास के नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय है। इससे शहर की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर भी प्रश्न खड़ा होता है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि उक्त विद्यालय को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाण-पत्र प्राप्त होने की जानकारी भी है। ऐसी स्थिति में इस महत्वपूर्ण संस्थान की आधारभूत सुविधाओं, भवन की स्थिति, स्वच्छता एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर को दिए आवेदन में इस मामले को जनहित एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण से जोड़कर तत्काल संज्ञान में लिया जाए तथा संबंधित अधिकारियों को निम्न कार्यवाही हेतु निर्देशित करने का आग्रह करेंगे कि
1. विद्यालय भवन का तकनीकी एवं संरचनात्मक निरीक्षण तत्काल कराया जाए।
2. जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कराया जाए।
3. विद्यालय परिसर एवं आसपास जमा कचरे तथा गंदगी की विशेष सफाई अभियान चलाकर तत्काल सफाई कराई जाए।
4. भवन की दीवारों, छत, फर्श, खिड़की-दरवाजे आदि की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक संरक्षण कार्य कराया जाए।
5. विद्यालय के आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाकर ऐतिहासिक धरोहर के अनुरूप विकसित किया जाए।
6. मां नर्मदा नदी एवं ऐतिहासिक किले के समीप स्थित होने के कारण क्षेत्र में नियमित स्वच्छता एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
7. विद्यालय की ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए उसके संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाए।
8. संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थल का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए।
यह विषय केवल एक विद्यालय की साफ-सफाई अथवा भवन मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नर्मदापुरम की ऐतिहासिक पहचान और हमारी भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित की जाने वाली विरासत से जुड़ा हुआ है।
यदि समय रहते इस ऐतिहासिक भवन का संरक्षण एवं रखरखाव नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसकी मूल ऐतिहासिक संरचना को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इस प्रकरण में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कराकर इस ऐतिहासिक विद्यालय भवन एवं उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित कराने की कृपा करें।
इससे न केवल विद्यालय की गरिमा पुनः स्थापित होगी, बल्कि नर्मदापुरम के नागरिकों में अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूकता, गौरव एवं संरक्षण की भावना भी और अधिक मजबूत होगी।

