
नर्मदापुरम / जिले के वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) के सफल संचालन और अपने पारिवारिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रभारी प्रशासक प्रतिभा बाजपेयी ने कलेक्टर को एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने विगत 6 वर्षों के उत्कृष्ट कार्य अनुभव और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए केंद्र में प्रभारी प्रशासक के रूप में कार्य निरंतर रखने की अनुमति मांगी है।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा हो चुकी है कार्यों की सराहना….
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि प्रतिमा बागरी (पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास परियोजना सोहागपुर) पिछले 6 वर्षों से नर्मदापुरम के वन स्टॉप सेंटर का सुचारू रूप से संचालन कर रही हैं। उनके कार्यकाल के दौरान आयुक्त, महिला एवं बाल विकास (भोपाल) सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा केंद्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें केंद्र की व्यवस्थाओं व कार्यशैली की विशेष रूप से सराहना की गई। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पीड़ित महिलाओं की सहायता व जागरूकता गतिविधियों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। 90 वर्षीय पिता की देखभाल और सिंगल पैरेंट की जिम्मेदारी प्रशासक ने आवेदन में अपनी गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों को रेखांकित करते हुए बताया कि उनके पिता की आयु लगभग 90 वर्ष हो चुकी है और वृद्धावस्था के कारण उनकी देखभाल का पूरा जिम्मा उन्हीं के ऊपर है। इसके साथ ही, वह एक ‘सिंगल पैरेंट’ हैं और उनकी 18 वर्षीय पुत्री वर्तमान में अध्ययनरत है, जिसके पालन-पोषण का भार भी अकेले वही संभाल रही हैं।
कलेक्टर से की कार्य की अनुमति बनाए रखने की अपील इन्हीं विषम पारिवारिक परिस्थितियों और पिछले 6 वर्षों के निरंतर व प्रभावी प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला कलेक्टर से वन स्टॉप सेंटर में अपने पद पर कार्य करते रहने की अनुमति प्रदान करने का विनम्र आग्रह किया है।

