
नर्मदापुरम / संगठन प्रज्ञा प्रवाह के तत्वावधान में नर्मदापुरम् विभाग द्वारा “प्री-लोकमंथन 2026” कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत “वंदेमातरम् और युवा संकल्प” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन 5 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शासकीय गृह विज्ञान महाविद्यालय नर्मदापुरम् में किया जाएगा।
कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “राष्ट्र की जय चेतना का गान—वंदेमातरम्” रखा गया है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मनोज श्रीवास्तव राज्य निर्वाचन आयुक्त होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मथुरा प्रसाद, अतिरिक्त संचालक (सेवानिवृत्त), उच्च शिक्षा विभाग करेंगे।
कार्यक्रम में वंदेमातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न आयामों पर विमर्श होगा। साथ ही, वर्तमान समय में युवाओं की भूमिका, राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण में युवाशक्ति के योगदान को लेकर “युवा संकल्प” विषय पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में नर्मदापुरम् क्षेत्र के युवा, विद्यार्थी, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार, बुद्धिजीवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक सहभागिता करेंगे।
आयोजको के अनुसार लोकमंथन भारतीय समाज की विविध परंपराओं, विचारों, अनुभवों और समकालीन चुनौतियों पर संवाद एवं विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसका उद्देश्य भारतीय दृष्टि और जीवन-मूल्यों के आधार पर समाज, संस्कृति, राष्ट्र और समकालीन विषयों पर व्यापक जनसंवाद को आगे बढ़ाना है। लोकमंथन में देश के विभिन्न क्षेत्रों के चिंतक, साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक सहभागिता करते हैं।
मुख्य लोकमंथन से पूर्व देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले “प्री-लोकमंथन” कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर विमर्श को व्यापक समाज तक पहुंचाने का माध्यम हैं। इसी श्रृंखला में नर्मदापुरम् में “वंदेमातरम् और युवा संकल्प” विषय पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस वर्ष का लोकमंथन 2026 जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित प्री-लोकमंथन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर विचार-विमर्श और जनभागीदारी को गति दी जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वंदेमातरम् के ऐतिहासिक संदर्भों को समझना ही नहीं, बल्कि उसके माध्यम से राष्ट्रभाव, सांस्कृतिक चेतना और युवा जिम्मेदारी के वर्तमान संदर्भों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाना है।

