

नर्मदापुरम / सामान्य वनमंडल के डीएफओ गौरव शर्मा के मार्गदर्शन से बानापुरा वन परिक्षेत्र के रेंजर मयंक पांडेय ओर उनकी टीम ने खोरा सर्किल की चिचवानी बीट में सागौन की अवैध कटाई ओर परिवहन के मामले में वनरक्षक विशेष कर्तव्य, परिक्षेत्र बानापुरा (सा.) तथा उनके तीन पुत्रों सोहित, मोहित और राकेश के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। गौरतलब रहे कि जब जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाला वनरक्षक ही यदि वन संपदा की अवैध कटाई के मामले में संलिप्त पाया जाए तो यह पूरे वन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बानापुरा वन परिक्षेत्र की चिचवानी बीट में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी के परिवहन का ऐसा ही मामला सामने आया है। बताया गया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन अमले ने कार्रवाई करते हुए सागौन की लकड़ी से भरी ट्रैक्टर- ट्रॉली जब्त की। जांच के दौरान मौके से आरे से कटे सागौन के 21 नग, कुल 1.479 घनमीटर लकड़ी बरामद हुई, जबकि वन क्षेत्र में 18 सागौन के ठूंठ भी पाए गए।मामले में राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, वनरक्षक विशेष कर्तव्य, परिक्षेत्र बानापुरा (सा.) तथा उनके तीन पुत्रों सोहित, मोहित और राकेश के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने वनरक्षक राजेन्द्र प्रसाद वर्मा को निलंबित कर दिया है। वहीं जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली के राजसात की वैधानिक कार्रवाई भी प्रचलित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बानापुरा वन परिक्षेत्र की बीट चिचवानी के वन क्षेत्र से सागौन के वृक्षों की लकड़ियां काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से परिवहन की जा रही हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी बानापुरा मयंक पाण्डेय, परिक्षेत्र सहायक खोरा मनीष कुमार चौधरी, वनपाल गजेन्द्र सय्याम, बीटगार्ड चिचवानी सहित अन्य वन अमला एवं सुरक्षा श्रमिक मौके के लिए रवाना हुए। वन अमले के मौके पर पहुंचते ही वहां मौजूद कुछ लोगों ने ट्रॉली से ट्रैक्टर को अलग कर उसे लेकर भागने का प्रयास किया। वन अमले ने घेराबंदी कर ट्रैक्टर को पकड़ लिया और उसे वापस मौके पर लाया गया।
मौके पर सागौन की लकड़ियों तथा खड़ी ट्रॉली के पास राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, वनरक्षक विशेष कर्तव्य, परिक्षेत्र बानापुरा (सा.) तथा उनके तीन पुत्र सोहित पिता राजेन्द्र प्रसाद, मोहित पिता राजेन्द्र प्रसाद और राकेश पिता राजेन्द्र प्रसाद मौजूद मिले। ये सभी बीट चिचवानी के कक्ष क्रमांक आरएफ-117 में लकड़ियों के पास खड़े पाए गए।
वन अमले द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी05-जेडसी-7551 की जांच की गई। ट्रॉली के अंदर सागौन की लकड़ी के 6 नग आरे से कटे हुए टुकड़े पाए गए। इसके अलावा ट्रॉली के आसपास जमीन पर पड़े सागौन के अन्य लकड़ी के टुकड़ों पर भी आरे से कटाई के निशान पाए गए।वन अमले ने मौके पर ही लकड़ियों का नाप-जोख किया, जिसमें कुल 21 नग सागौन लकड़ी, 1.479 घनमीटर होना पाया गया। इसके बाद वन क्षेत्र का घूम-घूमकर निरीक्षण किया गया, जहां 18 नग सागौन के ठूंठ मिले। इससे वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की स्थिति सामने आई।मौके पर वन विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मोहित वर्मा द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी बानापुरा के साथ बलपूर्वक अभद्रता किए जाने तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न कर जब्त वाहन को छुड़ाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। वन अमले ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई जारी रखी और जब्त वन उपज एवं वाहन को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया।मामले में नाकेदार राजेन्द्र प्रसाद वर्मा एवं उनके तीनों पुत्रों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1)(क) तथा मध्यप्रदेश व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969 की धारा 5, 15 एवं 16 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 13746/ 13 दर्ज किया गया है। प्रकरण में जब्त सागौन लकड़ी और ट्रैक्टर- ट्रॉली को सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण ठूंठों का सत्यापन, जब्त वन उपज का नाप-जोख, मौके की कार्रवाई तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया है।
जांच में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य, वनरक्षक निलंबित….
वन विभाग के अनुसार जांच के दौरान राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, वनरक्षक एवं उनके पुत्रों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया संलिप्तता सामने आने पर विभाग ने राजेन्द्र प्रसाद वर्मा को निलंबित कर दिया है।वहीं जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली के राजसात की वैधानिक कार्रवाई प्रचलित है। अब जांच के दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरएफ-117 में मिले 18 ठूंठों से जुड़ी कटाई कब हुई, कितनी वन संपदा प्रभावित हुई और इस पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
चिचवानी बीट में पहले भी सामने आ चुके हैं कटाई के मामले….
चिचवानी बीट में अवैध पेड़ कटाई का यह पहला मामला नहीं है। विभागीय जानकारी के अनुसार करीब छह माह पहले इसी बीट में 110 पेड़ों की कटाई के मामले में तीन वनकर्मियों शुभरण चौहान, रूपेश साहू और महिपाल यादव को निलंबित किया गया था। पुराने मामलों में भी वनकर्मियों और चौकीदारों की भूमिका को लेकर जांच एवं पूछताछ की गई थी।
इसके अलावा पिछले वर्ष छिपी खापा क्षेत्र में करीब 1200 सागौन पेड़ों की कटाई सहित अन्य वन अपराधों के मामलों में भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई और जांच की बातें सामने आई थीं।
भामंदा में 81 सागौन पेड़ों की कटाई का मामला भी सवालों में….
वहीं ग्राम भामंदा में करीब 81 सागौन पेड़ों की कटाई का मामला भी लंबे समय से जांच के दायरे में है। ग्रामीणों एवं पर्यावरण से जुड़े लोगों द्वारा इस मामले में कार्रवाई की मांग की जाती रही है। करीब दो वर्ष से मामला जांच में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि चिचवानी बीट के वर्तमान प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद प्रकरण में आगे की वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

