

नर्मदापुरम / श्रीरामलीला के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने जानकारी में बताया कि महोत्सव का यह 147 वां वर्ष है। जिसमें श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के पात्रों द्वारा दोपहर में बड़े श्रीराम मंदिर में मुकुट पूजन और अनुष्ठान से श्रीरामलीला महोत्सव की शुरुआत होगी पश्चात रात्रि ठीक 8 बजे से सेठानीघाट पर बनाये गए भब्य मंचों से प्रथम दिवस श्रीशंकर विवाह और नारद मोह की लीला का आकर्षक मंचन होगा ।
महोत्सव के अंतर्गत 16 अक्टूबर तक सेठानीघाट पर क्रमशः लीलाओं के मंचन होंगे जिसमें दिंनांक 6 अक्टूबर को मनुचरित श्रीराम जन्म, 7 अक्टूबर को ताड़का वध, 8 अक्टूबर को नगर दर्शन पुष्पवाटिका, 9 अक्टूबर को धनुषयज्ञ लक्ष्मण-परशुराम संवाद और 10 अक्टूबर शनिवार को भगवान श्रीराम की बारात सेठानीघाट से सायंकाल ठीक 5 बजे प्रमुख मार्गों से निकाली जावेगी। 11 अक्टूबर को श्रीरामवनवास, 12 अक्टूबर को दशरथ मरण केवट प्रसंग, 13 अक्टूबर को भरत-मिलाप, 14 अक्टूबर को सीताहरण, 15 अक्टूबर को श्रीराम-सुग्रीव मैत्री, 16 अक्टूबर को लंका दहन की लीलाओं का मंचन होगा ।
श्रीराम-रावण के युद्ध की लीलाएं दशहरा मैदान में अपरान्ह 4:30 से विजयादशमी तक प्रतिदिन होगी। जिसमें 17 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति, 18 अक्टूबर को कुम्भकरण वध, 19 अक्टूबर को मेघनाद वध और 20 अक्टूबर को रावण वध की लीलाओं का मैदानी मंचन होगा । पश्चात पुनः सेठानीघाट पर 21 अक्टूबर को उत्तरभरत मिलाप, 22 अक्टूबर गुरुवार को श्रीरामराज्याभिषेक की लीलाओं का मंचन होगा । 23 अक्टूबर को बड़े श्रीरामन्दिर में हवन शांति के साथ श्रीरामलीला महोत्सव का समापन होगा ।

