
नर्मदापुरम / धर्म और भक्ति की गंगा बहाते हुए आज स्थानीय सर्किट हाउस (परमहंस) घाट मंदिर के प्रांगण से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ।
कथा के प्रथम दिवस पर एक अत्यंत मनमोहक और विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
कलश यात्रा का आकर्षण….
कलश यात्रा सुबह 10:00 बजे प्रारंभ हुई। सिर पर मंगल कलश धारण किए सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में नर्मदा किनारे से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकली। यात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। जगह-जगह, ढोल बाजों की धुन पर मनमोहक नृत्य करये हुए बड़ी संख्या में मातृ शक्ति, बच्चे, बुजुर्ग एवं पुरुष वर्ग ने बड़ चढ़कर कलश यात्रा में भाग लिया ।
प्रथम दिन की कथा और प्रवचन….
कलश यात्रा के कथा स्थल पर विश्राम और विधि-विधान से पूजन-अर्चन के उपरांत व्यासपीठ से कथा व्यास आचार्य श्री राजेंद्र पुरोहित जी ने श्रीमद् भागवत कथा का महात्म्य बताया।
प्रथम दिन के प्रवचन में महाराज जी ने भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कलियुग में भगवान की कथाओं का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन के सारे कष्ट और पाप दूर हो जाते हैं। उन्होंने प्रथम दिन की विशेष कथा, शुकदेव जन्म, महात्म्य, धुंधकारी की कथा का बहुत ही सुंदर और सजीव वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
आयोजन समिति…..
देव ऋषि मनुष्य पितृ तर्पण के सदस्यों एवं इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान श्रीमती मीना रघुवंशी, समीर पटवारी, श्रीमती पूजा सिंह, कमल सिंह खरे, पंकज तिवारी, अनुपम दुबे ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अंत में सभी भक्तों को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।
समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ उठाने की अपील की है।

