
नर्मदापुरम / भावी पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, मानवीय दृष्टिकोण और भारतीय सनातन संस्कृति के प्रति चेतना जगाने के उद्देश्य से आज 3 अक्टूबर 2026 को देश और मध्य प्रदेश के साथ-साथ नर्मदापुरम जिले में भी भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। नर्मदापुरम जिला समन्वयक अनुराग मिश्रा ने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार (शांतिकुंज हरिद्वार) के तत्वाधान में आयोजित इस परीक्षा में जिले के 280 विद्यालयों और 8 महाविद्यालयों के लगभग 11,000 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी की हैं।
जिला एवं तहसील स्तर पर वरिष्ठ संयोजकों की रही मुख्य भूमिका
परीक्षा को सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में गायत्री परिवार के विभिन्न वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और परीक्षा संयोजकों का सराहनीय योगदान रहा। इस महा-अभियान की कमान संभाल रहे मुख्य टीम में शामिल रहे:
• मुख्य परीक्षा संयोजक: चंद्र मोहन गौर, तुलसीराम बावरिया, संतोष कुमार यादव और यू. के. सिंह। कृष्ण कुमार उपाध्याय, तहसील सह समन्वयक परशुराम बातोसिया, शिव कुमार विश्वकर्मा, वसंत कुमार मालिया, शिवदयाल सूर्यवंशी, अर्जुन यादव,
• इटारसी तहसील: देवेंद्र जिनोरिया, राजेश चौरे, कमल किशोर पाटीदार, शरद वर्मा, लखन पटेल, हीरालाल देशमुख।
• माखन नगर (बाबई): संदेश अग्रवाल, प्रशांत सोनी, राजकुमार शास्त्री, महेश खंडेलवाल, डॉ. रमेश खंडेलवाल, सुरेश अग्रवाल,
• सोहागपुर: एच. पी. मांधाता, प्रतिभा साहू
• पिपरिया: सुबोध बारोलिया और संतोष राय, प्रेम नारायण पटेल, पुरुषोत्तम चौधरी, पुनित शर्मा, रामेश पटेल, उमेश सिंह पटेल, उमेश गोस्वामी, ललित सोनी, लक्ष्मी कोरी, अनिता बहन।
• बनखेड़ी: कैलाश राय, शंकर लाल पटेल, बाबूलाल पटेल।
• सिवनी मालवा: कमलेश लोवंशी, राजेश यादव।
• डोलरिया: मुकेश राजपूत।
इन सभी वरिष्ठ संयोजकों और कार्यकर्ताओं के कुशल प्रबंधन के कारण ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों में परीक्षा सुव्यवस्थित रूप से आयोजित की जा सकी।
परीक्षा का मुख्य उद्देश्य….
वरिष्ठ संयोजकों के अनुसार, इस परीक्षा का उद्देश्य केवल सामान्य ज्ञान परखना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों के जीवन चरित्र, जीवन मूल्यों और संस्कारों से अवगत कराकर एक आदर्श नागरिक तैयार करना है।

