
नर्मदापुरम / जिले में गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले राशन माफिया के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य विभाग द्वारा की गई जांच में ‘हर्ष शिक्षित बेरोजगार सहकारी साख समिति मर्यादित’ द्वारा संचालित दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 1 करोड़ 3 लाख 99 हजार 851 रुपये के खाद्यान्न का गबन (अपयोजन) पकड़ा गया है। इस मामले में कलेक्टर के निर्देश पर समिति के प्रबंधक व विक्रेताओं के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। क्या है पूरा मामला? 250 से 300 परिवारों को नहीं मिला राशन: संस्था के प्रबंधक हर्ष तिवारी द्वारा माह अगस्त 2025 में अतिरिक्त आवंटन की मांग की गई थी। जांच में विक्रेता हर्ष तिवारी और प्रकाश तिवारी ने दावा किया कि जून, जुलाई और अगस्त 2025 का खाद्यान्न मई 2025 में ही बांट दिया गया था, जिसके चलते 250 से 300 पात्र परिवारों को राशन नहीं दिया गया।भौतिक सत्यापन में खुली पोल: कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (JSO) द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को दुकानों पर उपस्थित भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया, जिसमें भारी गड़बड़ी और स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया।
हितग्राहियों को बांटने के बजाय हड़पा राशन: जांच में साबित हुआ कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का खाद्यान्न पात्र गरीबों को वितरित करने के बजाय उसका अपयोजन (गबन) कर लिया गया। किस दुकान में कितने का हुआ घोटाला? दुकान कोड 2601055 (विक्रेता हर्ष तिवारी): कुल ₹33,17,161 के खाद्यान्न का गबन किया गया। दुकान कोड 2601065 (विक्रेता प्रकाश तिवारी): कुल ₹70,82,690 मूल्य के राशन का अपयोजन पाया गया। कुल गबन राशि: दोनों दुकानों को मिलाकर कुल ₹1,03,99,851 की शासकीय राशि की हेराफेरी की गई है, जिसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया की तरह की जाएगी।
कड़ी धाराओं में होगी कानूनी कार्रवाई आदेश के अनुसार, यह कृत्य ‘लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015’ के स्पष्ट उल्लंघन के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद कलेक्टर के अनुमोदन उपरांत डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक सरोज सिंह परिहार द्वारा सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को विक्रेता श्री प्रकाश तिवारी एवं प्रबंधक/विक्रेता श्री हर्ष तिवारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया है।
दुकानें निलंबित, गरीबों को राशन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन ने दोनों शासकीय उचित मूल्य दुकानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही आम जनता व हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दुकानों को अन्य संस्थाओं से संबद्ध (अटैच) किया गया है: दुकान कोड 2601055 (वार्ड 4, 10, 11): इसे ‘जय भोले प्राथमिक उपभोक्ता भण्डार’ (वार्ड 7, 8, 9, दुकान कोड 2601056) से संलग्न किया गया है। दुकान कोड 2601065 (वार्ड 1, 2, 3): इसे ‘बालागंज प्राथमिक उपभोक्ता भण्डार’ (वार्ड 6, 28, दुकान कोड 2601057) से संलग्न किया गया है।

