
नर्मदापुरम / विश्व हिंदू परिषद नर्मदापुर जिले का स्थापना दिवस समापन कार्यक्रम रामजीबाबा प्रांगण नर्मदापुर में सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम संतो के नेतृत्व में राम दरबार व भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मंच पर अतिथि के रूप में बजरंग दल के पूर्व संयोजक हंस राय, गायत्री परिवार के उमेश सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष दुबे, जिला उपाध्यक्ष दीपक बिजलानी, नगर मंत्री सुरेंद्र साहू आदि की उपस्थिति रही। अध्यक्षता संत अलखनंद गिरी महाराज व राहुल शर्मा ने की। संचालन जिला मंत्री चेतन सिंह राजपूत ने किया और आभार प्रदर्शन जिला संयोजक प्रदीप दायमा ने किया। इसके पहले कार्यकर्ताओं ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य वक्ता बजरंग दल के प्रांत संयोजक आदरणीय अवधेश तिवारी भाईसाहब ने बताया कि आजाद भारत में भी हमें अपने मान बिंदुओं की लड़ाई लड़नी पड़ी, आजाद भारत में हम एक मंदिर भी नहीं बना पाए। राम जन्म भूमि मंदिर के ताले लगा दिए गए, दर्शन करने का भी अधिकार नहीं दिया। 1857 की क्रांति से 1947 तक 90 वर्षों में अंग्रेजों ने भारत के सात बार विभाजन कर साथ टुकड़े किए। पाकिस्तान में हिंगलाज माता देवी मंदिर दर्शन के लिए वीजा लेना पड़ रहा है।1947 में अपनी भूमि ही परायी हो गई। 2 करोड़ मुसलमान उस समय भारत में था जो आज 20 करोड़ हो गया और दो करोड़ हिंदू जो समय पाकिस्तान में था, अब एक प्रतिशत बचा, उनको मार दिया गया, भगा दिया गया या धर्मांतरण करने पर मजबूर कर दिया। दूसरी ओर मुसलमानो को स्वतंत्रता के अधिकार दिए गए। हम दो हमारे बीस। हमें भगत सिंह, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, बिस्मिल जैसे युवाओं के दम पर आजादी मिली। एक से एक बढ़कर महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति देकर आजादी दिलवाई और हम है कि आजादी की कीमत को नहीं समझ पा रहे हैं। देश ने 1947 में मिली आजादी को स्वीकार किया,जो कि एक टेबल पर बैठकर भारत और पाकिस्तान का नक्शा बनाकर मिली थी। 29 प्रतिशत भूभाग 65 जिले पराए हो गए। हिंदुओं को हिंदुस्तान मिला और मुसलमान को पाकिस्तान मिला,उन्होंने इस्लामिक देश बना लिया, पर हम हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं कर पाए। हमें धर्मनिरपेक्ष बना दिया। राम मंदिर, कृष्ण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। संतों के नेतृत्व में लड़ाई शुरू हुई।
‘आगे बढ़ो जोर से बोलो, राम जन्मभूमि का ताला खोलो।
गौ हत्याएं नहीं रुकी, धर्मांतरण नहीं रुका, लवजिहाद की घटनाएं निरंतर रूप से जारी रही, तब श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन 1964 में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई। संतो एवं सर संघ चालक की उपस्थिति में एक ऐसा संगठन बनाया जो हिंदुओं के हित में सोच सके, जाति पंथ से ऊपर उठकर काम कर सके।
‘हिन्दवा सोदरा सर्वे, न हिंदू पतितो भवेत मम दीक्षा हिंदू रक्षा मम मंत्र समानता’।
सभी संतो को एक मंच पर लाने का काम किया गया। सभी संत हिंदूओ के हित में सोचेंगे इसकी जिम्मेदारी विश्व हिंदू परिषद को मिली। केवल एक सोमनाथ मंदिर को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने मस्जिद तुड़वाकर बनवाया परंतु 3000 से अधिक प्रमुख मंदिरों को मुसलमानो को खुश करने के लिए उन्हें वैसा का वैसा छोड़ दिया। तब संतों के नेतृत्व व मार्गदर्शन में लड़ाई लड़ी गई। जब राम रथ यात्रा निकाली गई तब बजरंगियों ने सुरक्षा का बीड़ा उठाया। हमें जागने की जरूरत है युवा तरुणायी को बजरंग दल का नाम दिया गया। रामकाज के लिए उसने सीने पर गोलियां खाई पर एक पग भी पीछे नहीं हटाया,उसका परिणाम हुआ कि 1992 में विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर 10 लाख से अधिक हिंदू समाज अयोध्या की पावन भूमि पर पहुंचा और 450 वर्ष पुराने कलंक के ढांचे को गीता जयंती के दिन साढ़े 3 घंटे में अत्याचारी, लुटेरे बाबर की मजबूत मीनार को सरयू में बहा दिया और रामलला को अयोध्या की भूमि पर विराजमान कर दिया। कोटि-कोटि कसम राम की कहते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे संकल्प को हमने पूरा किया। यह हिंदू समाज की जीत है। इसी प्रकार से हमें निरंतर कार्य करना पड़ेगा,जागना पड़ेगा। जब जब हम धर्म की लड़ाई लड़ने को खड़े होते हैं,किसी की हिम्मत नहीं होती जो हमारी ओर देख ले किंतु जब हम जाति पंथों में बंट जाते हैं तब विधर्मी शक्तियां सक्रिय हो जाती है।
कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अहिरवार समाज से ओमप्रकाश बडगूजर, बाल्मीकि समाज से रितेश टांक, जिला उपाध्यक्ष पृथ्वीपाल सिंह, आलोक शर्मा, जिला सेवा प्रमुख नितिन मेषकर, जिला गोरक्षा प्रमुख कैलाश दायमा, जिला सुरक्षा प्रमुख पवन कीर, नगर उपाध्यक्ष प्रखर राज शर्मा, धीरेन्द्र चौकसे, ग्रामीण प्रखंड मंत्री कन्हैयालाल वर्मा, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख अनुरुद्ध चंसौरिया, प्रीतम राजपूत, निर्मल गौर, आकाश दायमा, विक्की तोमर, देवी सिंह दायमा,bशिवम गौर, गौतम मालवीय, कपिल यादव, कुलदीप राजपूत एवं अन्य हिंदू समाज के लोगों की उपस्थिति रही। उक्त जानकारी अनुरुद्ध चंसौरिया जिला प्रचार प्रसार प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद नर्मदापुरम द्वारा दी गईं।

