
नर्मदापुरम / शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में 5 एमपी गर्ल्स बटालियन नर्मदापुरम के तत्वावधान में गर्ल्स बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष प्रताप सिंह के निर्देशानुसार महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार के मार्गदर्शन एवं एनसीसी प्रभारी मनीषा बाघमारे के सहयोग से पुनित सागर अभियान के अंतर्गत विश्व नदी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम एनसीसी कैडेट्स द्वारा किया गया।
उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नदियाँ देश की ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व की अमूल्य धरोहर है।हमारे यहाँ नदी को माँ कहा जाता है, लेकिन आज वही माँ सबसे ज्यादा बीमार है। नदी संरक्षण का मतलब है – नदी को फिर से जीवित करना।फैक्ट्रियों का केमिकल, शहरों का नाला सीधा नदी में जाना – नर्मदा, यमुना, गंगा में 70% प्रदूषण इसी से है।
प्लास्टिक और कचरा पूजा सामग्री,पॉलिथीन, मूर्ति विसर्जन,पानी का अंधाधुंध दोहन नदियों को प्रदूषित कर रहे हैं उन्होंने कहा कि नदी को नाला मत बनने दो ,घर का कचरा, पॉलिथीन नदी में कभी न डालें। गाँव/मोहल्ले में सोख्ता गड्ढा और सीवेज ट्रीटमेंट जरूरी है।
किनारों पर देशी पेड़ लगाएं – पीपल, बरगद, जामुन। ये बाढ़ भी रोकते हैं और पानी को जमीन में भेजते हैं।
विधायक प्रतिनिधि श्रीमती नैना सोनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में नदियों को भगवान की तरह पूजा जाता है नदी तभी बहेगी जब खेत में पानी रुकेगा। खेत-खेत में मेड़बंदी, तालाब गहरीकरण, और चेकडैम बनाना ही असली नदी संरक्षण है।केमिकल खाद नदी में जाकर पानी को जहरीला बनाती है। जैविक खेती से नदी का पानी पीने लायक रहता है।
जैसे नर्मदापुरम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पदभार से पहले सेठानी घाट पर माँ नर्मदा की पूजा कर संदेश दिया – नदी पहले आस्था है फिर संसाधन। हर घाट पर आरती के साथ सफाई, स्कूलों में नदी पाठशाला, और युवाओं की नदी मित्र टोली बनानी चाहिए।
सरकार ने नमामि गंगे मिशन, नर्मदा सेवा मिशन (म.प्र.) अमृत सरोवर योजना प्रारंभ की है हमे इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये सरकार का सहयोग करना चाहिए ।तालाब बचाएंगे तो नदी बचेगी, नदी बचेगी तो संस्कृति बचेगी। नदी संरक्षण किसी सरकार का नहीं, हम सबकी माँ की सेवा का काम है।
एनसीसी कैडेट्स द्वारा नदी संरक्षण विषय पर पोस्टर की प्रदर्शनी लगाई गई। पोस्टरों के माध्यम से “नदी बचाएँ–जीवन बचाएँ”, “स्वच्छ नदी–स्वस्थ समाज” तथा “नदियों को प्रदूषण से बचाएँ” जैसे संदेश दिए गए। कैडेट्स ने नदी एवं जल स्रोतों में कचरा न डालने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया।
इस अवसर पर नदी संरक्षण एवं जल प्रदूषण नियंत्रण विषय पर जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। कैडेट्स एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए नदियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से नदी संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि नैना सोनी, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ भारती दुबे, डॉ. जी सी पांडे, डॉ. मनीषा तिवारी, श्रीमती दीपिका राजपूत एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

