
नर्मदापुरम / शासकीय एसएनजी स्कूल में पदस्थ व्याख्याता अमित श्रीवास्तव को हाल ही तहसीलदार के आदेश के बाद तहसील कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। यह स्थिति तब बनी है जब अमित श्रीवास्तव एसएनजी स्कूल में अपने विषय के एकमात्र विशेषज्ञ हैं, जिससे स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा अटैचमेंट को पूरी तरह खत्म करने का निर्णय किया गया है। इसके बावजूद शासकीय कार्यालयों में अटैचमेंट का यह खेल बेरोकटोक जारी है।
शिक्षक अमित श्रीवास्तव के तहसील कार्यालय में अटैचमेंट से स्कूल में अध्यापन व्यवस्था चरमरा सकती है और बच्चों का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो सकता है, इसके बाद भी उन्हें प्रशासनिक कार्य के लिए संबद्ध किया गया है। यह भी बताया गया है कि शिक्षक अमित श्रीवास्तव इसके पूर्व भी जुमेराती शासकीय स्कूल में पदस्थ रहने के दौरान करीब सात साल तक तहसील कार्यालय में अटैच रहे हैं। हाल ही के महीनों में ही उनका स्थानांतरण शासकीय एसएनजी स्कूल किया गया था, ताकि वे अपनी विशेषज्ञता का लाभ विद्यार्थियों को दे सकें, लेकिन अब वे फिर से तहसील कार्यालय में अटैच हो गए हैं। शिक्षक को अध्यापन के बजाय प्रशासनिक कार्यों में बार-बार अटैच किया जाना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय माना जा रहा है। शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। यह स्थिति शिक्षा के मूल उद्देश्य के बजाय प्रशासनिक कार्यों में संलग्नता को दर्शाती है, जबकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या है।
पहले भी सात साल रहे अटैच….
बता दें कि शिक्षक अमित श्रीवास्तव इसके पूर्व भी जुमेराती शासकीय स्कूल में पदस्थ थे। अपनी पदस्थापना के दौरान करीब 7 साल तक तहसील कार्यालय में अटैच रहे हैं। इसके बाद हाल ही के महीनों में इनका स्थानांतरण शासकीय एसएनजी स्कूल किया गया था, लेकिन ये फिर तहसील कार्यालय में अटैच हो गए। इस संबंध में तहसीलदार श्री शर्मा से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनसे मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
इनका कहना..
मेरे द्वारा किसी शिक्षक को अटैच करने के आदेश जारी नहीं किए गए है, न ही मेरे कार्यालय में कोई शिक्षक अटैच है।
देवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम नर्मदापुरम।
इनका कहना है…
शिक्षक अमित श्रीवास्तव को तहसीलदार के आदेश पर तहसील कार्यालय में अटैच किया गया है, हालाकि बच्चों को पढ़ाई को देखने हुए उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। वे फिलहाल स्कूल में ही सेवाएं दे रहे हैं।
संदीप शुक्ला,
प्राचार्य शासकीय एसएनजी स्कूल।
इनका कहना है….
नहीं अभी कोई अटैचमेंट नहीं किया है। तहसील में कोई अटैचमेंट नहीं है।
सुनील शर्मा,
तहसीलदार नर्मदापुरम।
इनका कहना…
शिक्षा विभाग में अटैचमेंट पूरी तरह बंद है और शासन का नियम है कि कोई भी व्यक्ति को अटैच नहीं किया जा सकता। यदि उक्त व्याख्याता अटैच है तो इस संबंध में शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी से बात की जाएगी और नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उदय प्रताप सिंह, शिक्षा मंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल।

