


नर्मदापुरम / माखननगर / सामान्य वनमंडल की सीमा में घुसकर पेड़ों को नुकसान पहुंचाकर जेसीबी से अवैध कच्चा रोड बनाकर राजस्व सीमा में घुसकर राजस्व भूमि में अवैध उत्खनन करने वाले उत्खनन कर्ता पर वन विभाग ओर राजस्व विभाग सहित खनिज विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। मामला उप वन परिक्षेत्र बागरा के परिसर के उत्तर बागड़ा के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 322 का है। जहां पर जंगल के पेड़ो को नुकसान पहुंचाकर जेसीबी से कच्चा रोड बनाते हुए वन विभाग ने मौके पर जेसीबी को जब्त किया था। बताया जा रहा है कि अवैध उत्खनन करने वाले उत्खनन कर्ता ने वन विभाग की सीमा का उल्लंघन करते हुए बगैर एनओसी के राजस्व क्षेत्र के कई हेक्टेयर भूमि पर मुरूम का अवैध उत्खनन कर डाला। उत्खनन भी इतना गजब का कि काफी गहराई तक खोदकर मुरूम निकाली गई।
गौरतलब रहे कि जिस जगह अवैध मुरूम का उत्खनन किया गया है वह भूमि वन विभाग ओर राजस्व क्षेत्र से लगी हुई है । जबकि वन विभाग के नियमानुसार वन क्षेत्र की मुनारे से लगभग 200 मीटर तक किसी भी तरह का उत्खनन वर्जित है। लेकिन यहां पर खनन माफिया ने जहां जंगल के अंदर जेसीबी से कच्चा रोड बनाकर पेड़ो को नुकसान पहुंचाया वही वन क्षेत्र की सीमा से लगी राजस्व भूमि पर अवैध उत्खनन कर वन परिक्षेत्र के 200 मीटर के दायरे का भी उल्लंघन किया।इस मामले में जहां वन विभाग ने पोकलेन मशीन को जब्त कर राजसात करने की कार्यवाही शुरू कर दी है वहीं इस मामले की जांच के लिए राजस्व, खनिज ओर वन विभाग की संयुक्त टीम बना दी गई है। इस गंभीर मामले में वन विभाग ओर राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच शुरू कर दी है और मौका मुआयना भी किया गया।
मौके पर पहुंची संयुक्त टीम शुरू की जांच पड़ताल…..
बताया जा रहा है कि राजस्व, खनिज और वन विभाग की संयुक्त टीम 23 सितम्बर को ग्राम बागडा- मानेगांव में अवैध उत्खनन की जाँच हेतु स्थल पर पहुंची जिसमें एक नायब तहसीलदार,वन कर्मी और खनिज विभाग अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों की माने तो टीम ने जाँच के दौरान मौके पर राजस्व खसरे में मिट्टी / मुर्रम का अवैध उत्खनन कर खुदाई करना पाया गया।इस प्रकार कुल 150 घन मीटर मुर्रम खनिज का अवैध उत्खनन होना पाया गया। पूर्व में 16 सितम्बर को उक्त भूमि से पहुँच मार्ग एवं वन भूमि में जेसीबी मशीन से अवैध उत्खनन करते हुए पाये जाने पर जप्ति की कार्यवाही वन विभाग के द्वारा की गई थी।सूत्रों की मानें तो उक्त भूमि के खसरा नंबर 328 पर ठेकेदार जय भवानी रायसेन द्वारा खुदाई हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसकी अनुमति राजस्व विभाग ने नहीं दी थी, जिसकी अनुमति अभी शेष है। बताया जा रहा है उक्त भूमि पर अनुमति मिले बगैर यह उत्खनन का काम शुरू कर दिया गया था। अब देखना है प्रशासन की संयुक्त टीम की जांच रिपोर्ट के बाद उत्खनन कर्ता के विरूद्ध क्या कारवाई होती हैं।

