
नर्मदापुरम / जब जनता के विश्वास की रक्षा करने वाले ही कानून को तार-तार करने लगें, तो समाज की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। नर्मदापुरम में खाकी की साख को बट्टा लगाने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां पुलिस लाइन में पदस्थ एक कांस्टेबल ने रक्षक से भक्षक की भूमिका अपनाते हुए एक महिला को अपनी हवस का शिकार बना डाला। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार देर रात आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया है। विश्वास की आड़ में दरिंदगी शिकायत के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल सोमिल सक्सेना की पहचान पीड़िता से मोबाइल पर बातचीत के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान को नजदीकी में बदलकर आरोपी ने महिला को अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ कई बार दरिंदगी की। आखिरकार हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने कानून की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
7 महीने से गैरहाजिर, अब सेवा से भी हुआ निलंबित……
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि वर्दी की आड़ में यह अपराध करने वाला कांस्टेबल सोमिल सक्सेना पिछले करीब सात महीनों से अपनी ड्यूटी से नदारद था। कर्तव्य और अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाले इस सिपाही पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होते ही विभाग ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। समाज में आक्रोश, महकमे में सख्त संदेश की जरूरत वर्दी समाज में सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन जब वही वर्दी अपराध के अंधेरे में शामिल हो जाए, तो आम जनता का भरोसा डगमगा जाता है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन समाज अब यह देख रहा है कि कानून अपने ही महकमे के इस दागी पर कितनी नजीर पेश करने वाली कार्रवाई करता है।

