
नर्मदापुरम / नर्मदांचल की अग्रणी सांस्कृतिक संस्था नर्मदापुरम् कला जगत के तत्त्वावधान में कविताओं पर केन्द्रित श्री रामकृष्ण दीक्षित ‘विद्यार्थी’ स्मृति कवितायन कार्यक्रम अखंड मंडलेश्वर धाम, जगन्नाथ मंदिर, नर्मदा आश्रम डोंगरवाड़ा में संपन्न हुआ। कवितायन कार्यक्रम के इस विशिष्ट आयोजन में काव्यपाठ की विषय-वस्तु “परिवार” को उपस्थित कविगणों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। कोविड काल में नर्मदापुरम् कला जगत द्वारा आयोजित लोकप्रिय फेसबुक लाइव कार्यक्रम कवितायन की यह प्रथम ऑफ़लाइन प्रस्तुति के बारे में संस्था सचिव डॉ. नमन तिवारी ने जानकारी दी।
सारस्वत अतिथि पंडित गिरजाशंकर शर्मा एवं अध्यक्ष राकेश फौजदार सहित समस्त कवियों का स्वागत संस्था के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। अखंड मंडलेश्वर धाम के पीठाधीश बाबा प्रसाद दास ने अपने संबोधन में परिवार और परिवेश की व्याख्या करते हुए दोनों को ही संरक्षित, सुपोषित और सुदृढ़ करने का आव्हान किया और विश्वास जताया कि आज का यह आयोजन महाप्रभु जगन्नाथ जी की कृपा से इस दिशा में एक सार्थक कदम होगा।
काव्यपाठ की कड़ी में कवयित्री डॉ. मनीषा तिवारी ने माँ सरस्वती का वंदन करते हुए अपनी रचना एकल से संयुक्त परिवार की ओर चलो प्रस्तुत की। इटारसी से पधारे वरिष्ठ कवि रामकिशोर ‘नाविक’ ने काहे का बाप, अर्धांगिनी से बातचीत, आओ बैठो पास हमारे हल्का मन कर लें, शेष बचे जीवन का मिलकर अभिनंदन कर लें जैसी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। खेमचंद यादवेश ने पुस्तकों से लदा बेचारा छात्र और सखी लगे गांवई प्यारो री, परदेसन की सीख ने बिगारो देश हमारो री रचना प्रस्तुत की। कवयित्री आरती शर्मा ने पर्यावरण और परिवार दोनों ही संरक्षक है, दोनों के रूप हजार रचना अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत की। सुषमा चौबे ने वृहद कुटुंब सिमट गए हैं, अब रह गए परिवार रचना प्रस्तुत की। कवि शास्त्री नित्य गोपाल कटारे ने जो शहर सुहानी नइहां री, अब गांव चलो मोरे सैयां रचना प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। स्नेहलता छेनिया, राम भास्कर पांडे, पंडित गिरी मोहन गुरु नगरश्री ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। सूत्रधार डॉ. हरिओम दीक्षित ने परिवार है तो हर मुश्किल आसान है, रचना प्रस्तुत कर अपने लेखन का परिचय दिया। सारस्वत अतिथि पंडित गिरजाशंकर शर्मा ने अपने भाषण में कवितायन जैसे सार्थक कार्यक्रमों की निरंतरता को समाज के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम में राकेश दुबे, राजेश कुलश्रेष्ठ, सीमा दुबे, अर्कजीत सिंह चड्ढा सहित ग्राम के प्रबुद्ध जन एवं ओडिशा के पधारे धर्म प्रेमी परिवार उपस्थित रहे।

