
नर्मदापुरम / माखन नगर में 22 अगस्त से चल रहा सर्व आदिवासी समाज का अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना अब बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रहा है। धरने के 15 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया और न ही कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पीड़ितों की सुध लेने पहुंचा। प्रशासन की इसी अनदेखी के विरोध में सर्व आदिवासी समाज नर्मदापुरम ने “आर-पार की लड़ाई” का ऐलान करते हुए 15 सितंबर को माखन नगर तहसील कार्यालय के सामने ‘विशाल महा आंदोलन’ का आह्वान किया है। संगठन ने मांगें न माने जाने पर भोपाल मुख्य मार्ग पर चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी है। प्रमुख मांगें 57 प्रभावित परिवारों का पुनर्वास व मुआवजा खकरापुर-झांगपुरा के 57 परिवारों को खामदा भाग-4 की भूमि आवंटन के बाद कथित तौर पर अतिक्रमणकारी बताकर बलपूर्वक बेदखल कर दिया गया। मामले की निष्पक्ष जांच कर ग्रामीणों को भूमि वापस दी जाए अथवा उनका उचित पुनर्वास कर 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। राजस्व एवं वन विभाग के दस्तावेजों की सीबीआई जांच, विवादित भूमि का मालिकाना हक स्पष्ट करने के लिए राजस्व और वन विभाग के पुराने व वर्तमान अभिलेखों की सीबीआई जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और बनाई जाने वाली जांच समिति में आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल किया जाए।
आवंटित पट्टों की हो आधिकारिक जांच….
पट्टे की जमीनों की विस्तृत जांच माना गांव, बुधवाड़ा, बागरा, गुजरवाड़ा सहित पूरे नर्मदापुरम जिले में आवंटित पट्टों की आधिकारिक जांच हो। पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर वास्तविक पात्र ग्रामीणों को जमीन का हक दिलाया जाए तथा जांच कार्रवाई की प्रतिलिपि प्रतिनिधिमंडल को सौंपी जाए। मारपीट व दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच भूमि से बेदखली के दौरान आदिवासी महिलाओं व पुरुषों के साथ हुई मारपीट तथा कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की जाए।
एससी, एसटी एक्ट के तहत एफआईआर जांच में अपराध सिद्ध होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों व अधिकारियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भोपाल मार्ग ठप करने की चेतावनी…
सर्व आदिवासी समाज ने समस्त आदिवासी समुदाय, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे 15 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में माखन नगर तहसील कार्यालय के सामने एकत्रित होकर एकता का परिचय दें। संगठन ने कहा है कि यदि समय रहते न्यायोचित कदम नहीं उठाए गए, तो भोपाल मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

