नर्मदापुरम / न्यायालय श्रीमति प्राची कौरव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इटारसी, जिला नर्मदापुरम के यहां आवेदिका आरती (परिवर्तित नाम) द्वारा उसके पति गागर (परिवर्तित नाम) के विरूद्ध पारिवारिक विवाद के कारण भरण पोषण का प्रकरण पेश किया था। दंपत्ति के मध्य आपसी सम्मान के कारण पृथक निवास का विवाद था। प्रकरण में अधिवक्ता अरविंद गोयल द्वारा यह इंगित किया गया कि दोनों साथ में निवास करने हेतु इच्छुिक है। परंतु एक आश्वासन की अपेक्षा है कि उभयपक्ष सम्मानपूर्वक सहानुभूति से सहवास करें। इस बिंदू पर न्यायालय में सहजता से चर्चा की गयी कि यह दांपत्य जीवन में पति व पत्नी दोनों का दायित्व है, कि एक दूसरे का सम्मान सर्वोपरि रखते हुए एक दूसरे की सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए, जिससे एक सुखी जीवन का निर्वहन हो सके। इस पर दोनों ने एक दूसरे का सम्मान करते हुए गृहस्थ जीवन में एक दूसरे से सहानुभूति रखने का आश्वासन दिया और लोक अदालत में प्रकरण समाप्त कराया।
सफल प्रकरण क्र. 02…
न्यायालय श्रीमति प्राची कौरव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इटारसी, जिला नर्मदापुरम के यहां आवेदिका प्रार्थना (परिवर्तित नाम) द्वारा उसके पति नारायण (परिवर्तित नाम) के विरूद्ध पारिवारिक विवाद के कारण भरण पोषण का प्रकरण पेश किया था। दंपत्ति के दो बच्चे एक बालिका व एक बालक थे, जिनके भविष्य के विषय में चर्चा करते हुए अधिवक्ता शेख अबरार ने समझाइश दी कि एक गृहस्थ जीवन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति बच्चों का अच्छा भविष्य है। अधिवक्ता अरविंद गोयल ने भी समझाइश दी कि गृहस्थ जीवन में साधारण विवादों से बचना चाहिए। चर्चा के दौरान दंपत्ति ने उनका विवाद समाप्त कर एक सफल जीवन जीने का संकल्प लिया और प्रकरण को समाप्त करवाया।

