

नर्मदापुरम / पंडित रामलाल शर्मा कालेज आफ एजुकेशन व नर्मदा शिक्षा समिति कालेज आफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रज्ञा प्रवाह अध्ययन मंडल द्वारा भारतीय इतिहास में महिलाओं के योगदान पर विचार विमर्श का आयोजन किया गया।
संतोष व्यास ने प्रज्ञा प्रवाह अध्ययन मंडल के विषय में संक्षिप्त परिचय देते हुए कथ्य को तथ्य के आधार पर जानने व समझने के विषय पर जानकारी दी ।
श्रीमती अंजू सक्सेना ने वैदिक काल से 1857 तक महिलाओं की भागीदारी और समाज के लिए उनके योगदान को बताया। साथ ही नैतिक मूल्यों,कर्त्तव्यों परम्पराओं से परिवार समाज को जोङे रखने में महिलाओं की भूमिका को बताने का प्रयास किया ।
गृह विज्ञान महाविद्यालय की डा. मनीषा तिवारी ने हमारी वीरांगनाओं के त्याग व बलिदान से विद्यार्थीयों को अवगत कराया और समयानुसार सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा दी ।
श्रीमती कोकिला चतुर्वेदी जिला समन्वयक जन अभियान परिषद ने अपने व्याख्यान में नवीन तकनीक का सदुपयोग करने पर बल दिया।
श्री सुनील सिंग नर्मदापुरम प्रज्ञा प्रवाह प्रमुख ने बुद्धि विवेक के प्रवाह से विमर्श धारण करने स्थापित करने पर जोर दिया।
बी एड द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थी अरूण तेकाम ने प्रथम शिक्षिका ज्योति बाई फूले के योगदान को बताया। विद्यार्थी सूरजबाई ने रामचरित मानस से कैकयी की सकारात्मक भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम के अंत डा. संजय गार्गव ने सभा में उपस्थित सभी को कार्य क्रम सफल बनाने विचार विमर्श करने के लिए महाविद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रज्ञा प्रवाह अध्ययन मंडल के साथ प्राचार्य डॉ. प्रिंस जैन तथा दोनों महाविद्यालय का समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित थे।

