

नर्मदापुरम / आगामी गणेशोत्सव और अन्य प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण व व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से पंडाल आयोजकों को तय नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख त्योहारों की तिथियां गणेश प्रतिमा स्थापना 14 सितंबर 2026 डोल ग्यारस 22 सितंबर 2026 गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026 पितृपक्ष प्रारंभ 26 सितंबर 2026 आयोजकों के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश यातायात में बाधा पर रोक मुख्य सड़कों पर पंडाल लगाने और सड़कों पर कार्यक्रम आयोजित करने पर सख्त पाबंदी रहेगी। किसी भी प्रकार के कार्यक्रम की पूर्व सूचना संबंधित थाने को अनिवार्य रूप से देनी होगी। पंडाल की सुरक्षा व रजिस्टर संधारण रात के समय पंडाल की देखरेख के लिए कम से कम दो व्यक्तियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। रात में रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी एक रजिस्टर में दर्ज करनी होगी, जिसकी जांच संबंधित बीट पुलिस द्वारा नियमित रूप से की जाएगी।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के नियम लाउडस्पीकर का उपयोग तय मानकों के अनुसार ही किया जा सकेगा। रात 10:00 बजे के बाद इनका संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और अस्पतालों के आसपास संस्थान खुले रहने के दौरान लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
विसर्जन व्यवस्था व डीजे पर प्रतिबंध गणेश विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित स्थान हर्बल पार्क कुंड में ही किया जाएगा; किसी अन्य स्थान पर विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विसर्जन के लिए निर्धारित 25 सितंबर की तारीख का सभी को कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि शहर में यातायात या अन्य किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले और त्योहार शांति व सौहार्द के साथ संपन्न हो सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कलेक्टर सीमा बड़ोंने, देवेन्द्र प्रताप सिंह, डी एस पी पूजा लक्षर, एसडीओपी जितेन्द्र पाठक, थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला, देहात थाना प्रभारी उषा मरावी, नगर पालिका सीएमओ वैभव देशमुख आदि उपस्थित रहे।

