जगह-जगह हुए कार्यक्रम, निकली शोभा यात्राएं, बंटे माखन मिश्री, फूटी मटकी
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान शहर भर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में ग्वालटोली के काली मंदिर में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान दादा गुरु महाराज, विधायक डॉ सीतासरन शर्मा, लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, नपा अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव एवं कलेक्टर सोमेश मिश्रा कार्यक्रम में हुए सम्मिलित
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व को लेकर नर्मदापुरम जिले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। शहर में जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां, चल समारोह, भंडारे एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आए। जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण का वेश धारण कर उनकी बाल लीलाओं का मनमोहक प्रदर्शन किया। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं, अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। इसी क्रम में नर्मदापुरम के ग्वालटोली क्षेत्र में जन्माष्टमी पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। यहां स्थित प्राचीन काली मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर परिसर के समीप भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया तथा जन्माष्टमी पर्व पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। जन्मोत्सव के दौरान राधा-कृष्ण की वेशभूषा में कलाकारों द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। वहीं मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह भर दिया। राधा-कृष्ण के रूप में प्रस्तुत किए गए नृत्य और श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
भगवान श्री कृष्ण ने धर्म, सत्य , कर्तव्य और सेवा का मार्ग दिखाया
इस अवसर पर दादा गुरु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके संदेशों का स्मरण करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मानव समाज को धर्म, सत्य, कर्तव्य और सेवा का मार्ग दिखाया है। श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रकृति, गौ माता और समस्त जीव-जंतुओं के प्रति करुणा एवं संरक्षण की भावना रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष स्थान रखती हैं, इसलिए गौ संरक्षण एवं गौ सेवा को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। दादा गुरु महाराज ने तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसी केवल धार्मिक दृष्टि से ही पूजनीय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और मानव जीवन के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में उमड़े श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों और जन्माष्टमी के उल्लासपूर्ण वातावरण का आनंद लिया। आयोजन के दौरान ऐसा भक्तिमय वातावरण निर्मित हुआ कि श्रद्धालुओं को नर्मदापुरम में ही मथुरा-वृंदावन की अनुभूति होती नजर आई।

