

नर्मदापुरम / ग्राम पंचायत सांगाखेड़ा कलां में सार्वजनिक राशि से बनाए जा रहे रामलीला मंच भवन की छत ढहने की घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। लगभग 5 लाख रुपये के बजट से निर्माणाधीन इस भवन की छत बुधवार दोपहर ढलाई के महज आधे घंटे के भीतर ही भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई मजदूर नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत सीईओ रंजीत ताराम ने एक त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया है। गुरुवार दोपहर सहायक यंत्री योगिता मानकर, उपयंत्री हरिकृष्ण और पीसीओ मलखान सिंह की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का स्थलीय मुआयना किया। निरीक्षण और जांच से जुड़ी मुख्य बातें घटिया निर्माण की पुष्टि तकनीकी टीम के प्राथमिक मुआयने में निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी और गंभीर तकनीकी खामियां पाई गई हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश हादसे के बाद ग्रामीणों ने पंचायत सचिव ओम प्रकाश भदौरिया और उपयंत्री मुकेश बोहाडे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है। अचानक हुए इस हादसे ने पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता को उजागर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी और विभागीय कदम उठाने की तैयारी में है।
इनका कहना है….
जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होते ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रंजीत ताराम, सीईओ जनपद पंचायत नर्मदापुरम।

