



नर्मदापुरम / आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल के पत्र के परिपालन में शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। महाविद्यालय परिसर को इस अवसर पर आकर्षक रूप से सजाया गया था और पूरे वातावरण में कृष्ण भक्ति की अनुपम छटा बिखरी हुई थी।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा एवं महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक ‘डॉ. हरप्रीत रंधावा’ द्वारा भगवान श्रीकृष्ण एवं माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के बचपन की मनोहारी बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का बचपन हमें निश्छल प्रेम, मित्रता और नटखटपन का अद्भुत संदेश देता है। उन्होंने महाकवि सूरदास जी का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार सूरदास जी ने अपनी अमर रचनाओं में वात्सल्य रस के माध्यम से बालकृष्ण के रूप, उनकी माखन लीला और यशोदा मैया के प्रेम का इतना सजीव वर्णन किया है कि वह आज भी जन-जन के हृदय में बसा हुआ है।
महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक ‘डॉ. हरप्रीत रंधावा ने अपने उद्बोधन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म, प्रेम और कर्तव्य का समन्वय सिखाता है। गीता में दिया गया उनका कर्मयोग का संदेश आज के विद्यार्थी जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने छात्राओं को श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा “अनुष्का गौर द्वारा अत्यंत मधुर स्वर में कृष्ण आरती एवं भजन प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रथम वर्ष की छात्रा ‘समीक्षा पांडे द्वारा कृष्ण स्तुति की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।
इसके पश्चात छात्राओं के नृत्य समूह द्वारा मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। नृत्य समूह में ‘प्राची, खुशी, शिवानी, मुस्कान और दीक्षा’ शामिल रहीं, जिन्होंने कृष्ण भजनों पर नृत्य कर पूरे सभागार को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित एक ज्ञानवर्धक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर के वृक्षों को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन श्रीमती प्रेमलता पाटिल द्वारा किया गया। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ, कर्मचारियों एवं छात्राओं की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।

