
नर्मदापुरम / सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत प्राप्त एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनविश्वास अभियान के तहत प्राप्त शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाएं। कलेक्टर ने सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाले जनविश्वास अभियान के शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने शिविर के लिए चिन्हित शिकायतों के निराकरण के संबंध में एसडीएम पिपरिया को निर्देशित किया कि शिविर आयोजित होने से पूर्व शत-प्रतिशत शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिविर में आने वाले नागरिकों को उनकी समस्याओं का समाधान मिल सके। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों का आवश्यक रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि अभियान अंतर्गत विभागीय संस्थानों की व्यवस्थाओं का मैदानी स्तर पर निरीक्षण कर उनकी स्थिति का जायजा लें। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों के निरीक्षण के बाद तैयार की गई निरीक्षण रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
इस दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन पर नॉन अटेंडेड शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के प्रति सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को समय पर अटेंड नहीं करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को एससीएन (कारण बताओ नोटिस) जारी किए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का समय-सीमा में परीक्षण कर संतुष्टिपूर्वक एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग की 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्यवाही करते हुए उनका संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की नियमित रूप से समीक्षा करें तथा लंबित शिकायतों के निराकरण की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें।
समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में खाद्यान्न वितरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सेल्समेन अथवा समितियों द्वारा 94 प्रतिशत से कम खाद्यान्न का वितरण किया गया है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। साथ ही संबंधित कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आगामी दो दिवस में खाद्यान्न वितरण की प्रगति की पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि इस अवधि में संबंधित सेल्समेन अथवा समिति स्तर पर वितरण की प्रगति 94 प्रतिशत से कम पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने जिले में खाद एवं उर्वरक वितरण की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर संबंधित अधिकारी तत्काल प्रदेश स्तर के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण कार्य प्रभावित न हो तथा समस्या के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए। कलेक्टर ने समिति स्तर पर खाद एवं उर्वरक वितरण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समितिवार प्रत्येक सप्ताह खाद के उठाव की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
मूंग उपार्जन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए की किसानों को उपार्जित मूंग का शत प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाए। आगामी 1 सप्ताह में समस्त ईपीओ बैंक स्तर पर प्रेषित किए जाएं जिससे किसानों को शीघ्र ही उनकी उपज का भुगतान प्रदान किया जा सके। इसी के साथ कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि जिला स्तर पर उपार्जन सेल का गठन किया जाए जिसमें उपार्जन से संबंधित समस्त विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मिलित किया जाए जो उपार्जन के समय उपार्जन प्रक्रिया पर बारीकी से निगरानी करें।
कलेक्टर ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत द्वितीय प्रकाशन होने के लिए लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई करते हुए जिला स्तर पर रिपोर्ट प्रेषित करें। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि समय सीमा में द्वितीय प्रशासन न होने की स्थिति में संबंधित तहसीलदार एवं पटवारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह एसडीएलसी की बैठक कर वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत सामुदायिक वन अधिकार मामले का निदान सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला सहित अन्य जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

