



सिवनी मालवा से विनीत राठी की रिपोर्ट….
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा के बानापुरा रेलवे स्टेशन पर वर्षों से कोई नई रेल का ठहराव नहीं हुआ हैं। जबकि बानापुरा स्टेशन अमृत भारत योजना में सम्मिलित हैं और वर्तमान में यहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। नई रेल रोकने की मांग को लेकर पत्रकार संघ ने जनता के साथ मिलकर तहसीलदार नितिन कुमार झोड़, बानापुरा रेलवे स्टेशन प्रबंधक सियाराम सिंह को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, महाप्रबंधक प.म.रे के नाम ज्ञापन सौपकर बानापुरा रेलवे स्टेशन की विभिन्न मूलभूत सुविधाओं और रेल ठहराव की मांग की। इस दौरान नपाध्यक्ष, पार्षद, अधिवक्ता, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, पेंशनर संघ, भाकिसं, युवा, आटो चालक, भाजपा, कांग्रेस के जनप्रतिनिधि, नेता जामा मस्जिद सदर सहित सामाजिक संगठनों के सैकड़ों लोग ज्ञापन देने में शामिल हुए।
इस संबंध में पत्रकार संघ अध्यक्ष नन्दकिशोर व्यास और नपाध्यक्ष नितेश जैन ने बताया कि वर्षो से सिवनी मालवा – बानापुरा क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक, राजनैतिक संगठनों द्वारा समय-समय पर क्षेत्रीय सांसद, विधायक, महाप्रबंधक, मण्डल रेल प्रबंधक को रेल ठहराव की जाती रहीं हैं लेकिन इसके बाद भी जनता के संवैधानिक अधिकार, मूलभूत सुविधा पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा हैं। इसलिए पत्रकार संघ ने जनप्रतिनिधियों और जनता के भारी समर्थन से रेल ठहराव औऱ स्टेशन की व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर मंगलवार को ज्ञापन दिया हैं।
स्टेशन पर ये किया जाए सुधार….
प्रमुख मांगों में बानापुरा स्टेशन के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाना, वर्तमान में बानापुरा प्लेटफार्म की लंबाई केवल 18 डिब्बों के अनुरूप है जबकि ट्रेन 22 से 24 डिब्बों की आ रहीं हैं। 05-06 डिब्बे प्लेटफार्म से बाहर पटरी पर रह जाते हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, बच्चों और आम यात्रियों को भारी परेशानी होती हैं। गुड्स रेक पाइंट के माध्यम से लगभग 150 रेक प्रतिवर्ष यहां लोड होते है। रेलवे को 60-70 करोड़ रुपए के वार्षिक आय होती हैं। जिससे वर्ष में लगभग 300 दिन यहां पर आवागमन बना रहता है। इसके कारण पूरे शहर में धूल, ट्रैफिक, दुर्घटना होती हैं। यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती हैं। पाइंट को यहा से हटाया जाए। वृद्धजनों को किराये में छूट पुनः बहाल की जाए। जी.आर.पी. चौकी बानापुरा की पुनः स्थापना की जाए।
बानापुरा में 35 वर्षों से कोई नई रेल का ठहराव नही हुआ, रेल रोकी जाए….
बानापुरा में लगभग 40 वर्ष पूर्व पंजाब मेल और 35 वर्ष पूर्व झेलम एक्सप्रेस ठहराव हुआ था। उसके बाद से आज दिनांक तक किसी नई रेल का ठहराव बानापुरा स्टेशन पर नहीं हुआ हैं।
रेलों के ठहराव की मुख्य मांगे….
नागरिकों की पहली मांग हैं कि भुसावल-नागपुर (दादा धाम इंटरसिटी) जो करोनो काल में बंद कर दी हैं। उसे पुनः प्रारंभ किया गया। इससे आमजन, मरीज, इलाज के लिए नागपुर जाते थे। वे सुलभ और सस्ती यात्रा से बंचित हो गए हैं। जिसकी मांग भुसावल- नागपुर के बीच आने वाले सभी शहरों के लोग कर रहें हैं। वहीं आमजन के लिए भुसावल-खण्डवा-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस शुरू की जाए। जिससे भुसावल, रावेर, बुराहनपुर, खण्डवा, छनेरा, हरदा, टिमरनी, सिवनी मालवा, इटारसी, होशंगाबाद, बुधनी, औवेदुल्लागंज, मण्डीदीप, रानी कमलापति सभी स्टेशन जुड़ जावेंगे तथा एक्सप्रेस ट्रेनों का भार कम होगा। बुजुर्ग, विद्यार्थी, मरीज, व्यापारी, अपडाउनर्स सहित सभी का सीधा फायदा होगा।
इसी के साथ पुष्पक एक्सप्रेस (लखनऊ-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस), गोआ एक्सप्रेस (दिल्ली/निज़ामुद्दीन-वास्को-द-गामा)
बनारस-हडपसर (पुणे) अमृत भारत एक्सप्रेस, अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस, जयपुर-हैदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस, काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस। पुणे-सुपौल एक्सप्रेस, हावड़ा मुम्बई मेल (वाया गया) का ठहराव मुख्य रूप से कराया जाए। उक्त टरेलो के ठहराव का सीधा फायदा व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों, कर्मचारियों, किसानों, आमजनों को होगा। सरकार द्वारा अमृत भारत योजना अंतर्गत बानापुरा स्टेशन के जीर्णोद्धार पर करोड़ो रूपये व्यय किए गए है। उसका लाभआमजन एवं शासन को प्राप्त होगा साथ ही गुड्स से भी रेल्वे को करोड़ों रूपये फायदा हो रहा है।
देर रात रुकती हैं रेले यात्रियों को लाभ नहीं….
हमारे यहां पूर्व अनुसार जनता एक्सप्रेस 13201-13202 का समय परिवर्तन किए जाने तथा पूणे जम्मू तवी झेलम 11077-11078 और काशी एक्सप्रेस 15017-15018 के बानापुरा स्टेशन पर देर रात्रि में आने के कारण यात्रियों की संख्या अत्यधिक कम होती है। इससे रेलों के ठहराव होने के बावजूद यात्रियों को अपेक्षित लाभ नही मिल पा रहा हैं।
इसलिए सभी मांगो पर विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए अन्यथा रेल प्रशासन के विरूद्ध निम्नानुसार चरणबद्ध संवैधानिक आंदोलन किए जाएंगे। जिसकी सम्पूर्ण जबाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
रेल ठहराव के लिए ये होंगे कार्यक्रम, आंदोलन…..
क्षेत्रीय सांसद, विधायक, जनरल मैनेजर, मण्डल रेल प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री से मुलाकात, चर्चा तथा ज्ञापन के माध्यम से सूचना। हस्ताक्षर, पोस्टकार्ड अभियान। 02 अक्टूबर गांधी जयंती पर प्रतिमा के सामने मौन धरना। फिर काली पट्टी बांधकर युवा, छात्रों के साथ सिवनी मालवा से बानापुरा तक पैदल मार्च। जिसके बाद हनुमान मंदिर से जयस्तंभ चौक तक मशाल, केंडल मार्च। फिर नगर बंद, रेल रोको जैसे अभियान किए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में पत्रकार संघ उपाध्यक्ष राजू राठौर, रामशंकर शर्मा, उमेश गौड़, नकुल मालवीय, सुधीर मालवीय, मनमोहन राठौर, पार्षद ईश्वरदास जमीदार, दीपक बाथव, दीपक दीक्षित, दुर्गेश उइके, देवी कुशवाह, कमलेश लौवंशी, अधिवक्ता सुशील खत्री, विकास पाठक, शेखर पुरोहित, विहिप शिव राठौर, शिवसेना विष्णु गहलोत, पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पृथ्वी सिंह रघुवंशी, देवेंद्र रघुवंशी, पेंशनर्स संघ अध्यक्ष हरिशंकर गौर, नर्मदा प्रसाद रघुवंशी, किसान संघ जगदीश पाटिल, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष स्वदेश शर्मा, संतोष शास्त्री, राजेंद्र ताम्रकार, राजेंद्र कोठारी, जामा मस्जिद सदर साजिद कुरैशी, फिरोज खान, ऑटो संघ बादल खान, आशिक कुरैशी
सहित विभिन्न संघ संगठनों सदस्य एवं व्यापारी गण अधिवक्ता संघ आदि सैकड़ों की संख्या लोग मौजूद थे ।

