


नर्मदापुरम / जीवा ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल बनापुरा के लिए गौरव का क्षण उस समय आया, जब विद्यालय के पूर्व प्रतिभाशाली छात्र अक्षत गौर का कंपनी सेक्रेटरी (CS) के रूप में चयन होने पर विद्यालय परिवार द्वारा उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। अक्षत गौर ने सत्र 2021-22 में जीवा ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल बनापुरा से कक्षा 12वीं की शिक्षा पूर्ण की थी तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला मेरिट सूची में अपना स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया था। इससे पूर्व उन्होंने कक्षा 10वीं जीवा ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल, बराखड़ कला CBSE शाखा से पूर्ण की थी।
CS के रूप में सफलता हासिल करने के बाद अक्षत गौर अपने पुराने विद्यालय पहुंचे और उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने संघर्ष, अध्ययन की तैयारी और सफलता की पूरी यात्रा साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन देते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपने लक्ष्य को निर्धारित कर नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया।
जीवा ज्योति में मिली शिक्षा को बताया सफलता की मजबूत नींव
अक्षत गौर ने अपने उद्बोधन में विशेष रूप से बताया कि जीवाज्योति में प्राप्त शिक्षा और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके व्यक्तित्व एवं आत्मविश्वास के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
उन्होंने विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती ज्योति पाणिकर का उल्लेख करते हुए कहा कि कक्षा 10वीं के दौरान वे विद्यार्थियों से लगातार प्रश्न पूछती थीं। खास बात यह थी कि वे एक ही प्रश्न को अलग-अलग तरीकों से पूछकर विद्यार्थियों की समझ और सोचने की क्षमता को विकसित करती थीं। इससे विद्यार्थियों में केवल उत्तर याद करने के बजाय विषय को समझकर उत्तर देने की आदत विकसित हुई और उनके भीतर आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ा।
अक्षत ने भावुक होकर बताया कि कई बार प्राचार्या ज्योति पाणिकर विद्यार्थियों को उनकी कमियों पर डांटती भी थीं, लेकिन उस डांट के पीछे उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना था। वे डांटने के बाद यह भी कहती थीं कि “मैं चाहती हूं कि तुम लोग जीवन में बहुत उन्नति करो।” अक्षत ने कहा कि उस समय कही गई ये बातें आज भी उन्हें प्रेरणा देती हैं और अब उन्हें समझ आता है कि शिक्षक की वह डांट भी विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए थी।
Spoken English ने बढ़ाया आत्मविश्वास….
अक्षत गौर ने विद्यालय में संचालित Spoken English की शिक्षा को भी अपनी सफलता की यात्रा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में जिस प्रकार विद्यार्थियों को अंग्रेजी बोलने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता था, उससे उनके अंदर झिझक समाप्त हुई और English Communication एवं Confidence विकसित हुआ।
उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से कहा कि आज वे जिस आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में अपने विचार व्यक्त कर पाते हैं, उसमें विद्यालय में मिली Spoken English की नियमित प्रैक्टिस और वातावरण का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अंग्रेजी को केवल विषय के रूप में न पढ़ें, बल्कि उसे बोलने और अपने दैनिक जीवन में प्रयोग करने का प्रयास करें।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पाणिकर एवं प्राचार्या श्रीमती ज्योति पाणिकर द्वारा अक्षत गौर का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा मिठाई खिलाकर उनकी सफलता की खुशी साझा की गई।
प्राचार्य डॉ. प्रवीण पाणिकर ने कहा कि विद्यालय के लिए इससे बड़ा गौरव कोई नहीं हो सकता कि उसके विद्यार्थी शिक्षा पूर्ण करने के बाद अपने जीवन में सफलता प्राप्त करें और पुनः विद्यालय में आकर अपने अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों के साथ साझा करें। अक्षत गौर की सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि वर्तमान विद्यार्थियों के लिए भी एक जीवंत प्रेरणा है।
प्राचार्या श्रीमती ज्योति पाणिकर ने अक्षत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी की सफलता ही शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अक्षत भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे और अपने विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अक्षत गौर से उनकी तैयारी, CS की पढ़ाई, समय प्रबंधन और करियर से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। अक्षत ने अपने अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने, असफलताओं से न घबराने और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
अक्षत गौर की सफलता जीवाज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल की उस शिक्षा-परंपरा का प्रमाण है, जिसमें विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में आत्मविश्वासी, सक्षम और सफल बनने के लिए तैयार किया जाता है।
“जीवाज्योति से मिली शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास ने अक्षत को सफलता की राह दिखाई—आज उसी विद्यार्थी की सफलता पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है।”

