
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा / पिछले कई महीनों से राम-जानकी राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट और महावीर मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रहे विवाद पर आखिरकार से पर्दा उठ गया है! आज आयोजित हुई एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सभी आरोपों का करारा जवाब दिया है।
राम-जानकी राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रहा विवाद आज एक नए मोड़ पर आ गया है। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी द्वारा लगाए गए अनियमितताओं के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि जांच में सभी बिंदु निराधार पाए गए हैं।
गौरतलब है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी ने मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन आरोपों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में डिप्टी कलेक्टर (नर्मदापुरम) नीता कोरी, तहसीलदार (सिवनी मालवा) नितिन झोड़, नायब तहसीलदार कृति प्रधान और बिशन सिंह रघुवंशी शामिल थे।
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोट में बताया गया कि नीरज तिवारी द्वारा लगाए गए 11 बिंदुओं की शिकायत की विस्तृत जांच की गई। जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के सभी दस्तावेज दुरुस्त पाए गए और किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई। ट्रस्ट ने भाजपा मंडल अध्यक्ष पर अपने पद का दुरुपयोग करने और मंदिर प्रशासन को अनावश्यक रूप से परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस मामले में ट्रस्ट के वकील नमन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कामकाज और दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई गई है।
ट्रस्ट ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि गलत शिकायत और मानसिक प्रताड़ना के लिए वे भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज तिवारी के खिलाफ मानहानि का दावा पेश करने की कानूनी सलाह ले रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी छवि खराब करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे और कानूनी रूप से अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

