


नर्मदापुरम / शहर में संस्कार कांवड़ यात्रा का आयोजन धार्मिक आस्था और मां नर्मदा के संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। विवेकानंद घाट से शुरू हुई यह यात्रा सेठानी घाट तक पहुंची। यात्रा में संत समाज के दादा गुरु, क्षेत्रीय विधायक सीता शरण शर्मा, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, सांसद माया नारोलिया, विधायक विजयपाल सिंह, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, मोनिका चौकसे, श्रीमती नीतू यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नमामि देवी नर्मदे संस्कार कांवड़ यात्रा विवेकानंद घाट से प्रारंभ होकर नेहरू पार्क, सत रास्ता, अमर चौक, जय स्तंभ चौक, हलवाई चौक, सराफा एवं सेठानी घाट होते हुए काले महादेव मंदिर पहुंची। काले महादेव मंदिर में यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के माध्यम से मां नर्मदा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कावड़ यात्रा काले महादेव पहुंची । यात्रा में मातृशक्ति की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। जानकारी के अनुसार महिलाओं को साड़ियां उपलब्ध कराई गई थीं और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इन साड़ियों का वितरण भी किया गया। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एक ही रंग की साड़ियां पहनकर शामिल हुईं। इससे यात्रा में महिलाओं की भागीदारी और आकर्षण दोनों बढ़ा। हालांकि, इसी बीच यात्रा में राजनीतिक समूहों और जनप्रतिनिधियों के प्रचार-प्रसार को लेकर शहर में सवाल भी उठ रहे हैं। सवाल यह है कि जब कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक और सामाजिक उद्देश्य से जुड़ा है तो राजनीतिक समूहों का इतना अधिक प्रचार-प्रसार क्यों किया जा रहा है? क्या इसे आगामी चुनावों की तैयारी के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जाए या फिर यह केवल धार्मिक आयोजन का हिस्सा है?
धार्मिक आयोजनों को राजनीति से जोड़ने की कोशिश….
धर्म समाज की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है। ऐसे में यदि धार्मिकता को किसी राजनीतिक उद्देश्य या शक्ति प्रदर्शन के लिए माध्यम बनाया जाता है तो यह निश्चित रूप से विचार का विषय है। धार्मिक आयोजनों को राजनीति से जोड़ने की कोशिश समाज की भावनाओं के साथ छल न बन जाए, इसका ध्यान आयोजकों और जनप्रतिनिधियों दोनों को रखना होगा। इस यात्रा में पुलिस के आला अधिकारी का भी विशेष सहयोग रहा जो यात्रा अच्छे तरीके से संचालित की गई।

