
नर्मदापुरम / ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के संबंध में विभिन्न किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं एवं समस्त अन्य स्टेकहोल्डर के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने तथा ई-विकास प्रणाली के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाए जाने के उद्धेश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन भोपाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। समिति से प्राप्त सुझावों को ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 में अंगीकरण किया गया है, जिससे पोर्टल अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी हो गया है, जिसकी विशेषतायें निम्नानुसार हैं:-
1. ई-विकास प्रणाली 2.0 में किसान को अपनी इच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक को क्रय करने हेतु बिना किसी बंधन के उर्वरक क्रय कर सकता है।
2. आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा अनुसार अथवा उससे अधिक मन चाहा उर्वरक प्रथम बार में ही किसान क्रय कर सकता है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता को हटा कर ड्रापडाउन द्वारा कारण चयन की सुविधा दी गयी है।
3. मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर 300 टोकन प्रतिदिन से अधिक टोकन जनरेट करने हेतु आवश्यकता अनुसार बढ़ाने की सुविधा दी गयी है।
4. ई-विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टयर बैग में कर दी गयी है।
5. किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे पश्चात् टोकन निरस्त करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है।
6. फसल ख़राब होने पर किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने हेतु एक्सेप्शनल हैंडलिंग में सुविधा दी गयी है।
7. एक्सेप्शनल हैंडलिंग में प्राप्त प्रकरणों को तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जायेगा।
8. किसान ई-विकास प्रणाली से संबंधित समस्याएं।

