
नर्मदापुरम / कल्कि जयंती भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार भगवान कल्कि के भविष्य के अवतरण की स्मृति में मनाई जाने वाली तिथि है, जो श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को आती है।
महत्व और मान्यता
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कलियुग के अंत और अधर्म के नाश के लिए भगवान कल्कि का सफेद घोड़े पर आगमन होना तय माना गया है।
इस दिन व्रत रखने और श्री हरि विष्णु की पूजा करने से संकटों से मुक्ति मिलती है।
मान्यता है कि इनकी उपासना से जीवन में सकारात्मकता और धर्म की स्थापना का बल मिलता है।
पूजन विधि
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सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें।
लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें।
भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, फल, और पंचामृत अर्पित करें।
विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें और मंत्रों का जाप करें।
इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्रों का दान करना शुभ माना गया है। (संकलन – प्रीति चौहान)

