

नर्मदापुरम / नाग पंचमी का पावन पर्व इस वर्ष सोमवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं।
नर्मदापुरम में कोठी बाजार स्थित चोरे गली में नाग चंद्रेश्वर मंदिर में सुबह से ही नाग देवता के दर्शन करते भक्तों का ताता लगा रहा। वहीं शहर में गोल घाट स्थित दूसरे नागचंद्रेश्वर देवता के मंदिर में भी सुबह से भक्तों की लंबी लंबी लाइने लगी रही और भक्त नाग देवता के दर्शन करने अपनी बारी का इंतजार करते रहे। यह मंदिर साल में एक बार नाग पंचमी के दिन ही खुलता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं और भगवान नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता को दूध, जल, अक्षत, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। कई स्थानों पर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की पूजा कर परिवार की खुशहाली और सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
श्रद्धालु इस अवधि में स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर नाग देवता की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। पूजा के दौरान नाग देवता को जल, दूध, अक्षत और फूल अर्पित कर विधि-विधान से आराधना की जाती है।
नाग पंचमी पूजा का धार्मिक महत्व….
मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं और संकट दूर होते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। नाग पंचमी को नाग देवता के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है।
धार्मिक मान्यता यह भी है कि नाग पंचमी के दिन नाग के दर्शन होना शुभ माना जाता है। हालांकि वास्तविक सांपों को दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। श्रद्धालु नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर दूध और जल अर्पित करके पूजा कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल….
सावन मास में आने वाले इस प्रमुख पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो जाता है। श्रद्धालु नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। कई स्थानों पर धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन भी आयोजित किए जाते हैं।
नाग पंचमी का पर्व भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में नाग देवता के प्रति आस्था, श्रद्धा और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देता है। इस अवसर पर श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान से परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना करते हैं।

