
नर्मदापुरम / वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जयंती प्रत्येक वर्ष 16 अगस्त को मनाई जाती है। उनका जन्म 16 अगस्त 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के मनकेहनी (या मनकेहड़ी) ग्राम में हुआ था।
रानी अवंतीबाई लोधी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगनाओं में से एक थीं। वे रामगढ़ रियासत की रानी थीं। अंग्रेज़ों द्वारा राज्य के प्रशासन में हस्तक्षेप का उन्होंने दृढ़ता से विरोध किया और अनेक राजाओं तथा क्रांतिकारियों को संगठित कर अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अंततः 20 मार्च 1858 को उन्होंने शत्रु के हाथों बंदी बनने की अपेक्षा वीरगति को स्वीकार किया।
जयंती का महत्व
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– उनके अदम्य साहस, स्वाभिमान और देशभक्ति का स्मरण।
– युवाओं में राष्ट्रप्रेम और बलिदान की भावना का संचार।
– विभिन्न स्थानों पर प्रतिमा माल्यार्पण, शोभायात्रा, संगोष्ठियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
श्रद्धांजलि संदेश:
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“वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रतीक वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका जीवन हम सभी को साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।” (संकलन – प्रीति चौहान)

