


नर्मदापुरम / पर्यावरण संरक्षण को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के उद्देश्य से स्प्रिंगडेल्स सीनियर सेकेंण्डरी स्कूल में पौधारोपण सप्ताह का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया।
प्रथम दिवस नाटिका से दिया वृक्ष संरक्षण का संदेश….
पौधारोपण सप्ताह की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक लघु नाटिका “पेड़ बचाओ” से हुई। विद्यार्थियों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से वृक्षों के महत्व, पर्यावरणीय संतुलन तथा मानव जीवन में पेड़ों की अनिवार्य भूमिका को प्रस्तुत करते हुए वृक्ष संरक्षण का संदेश दिया।
द्वितीय दिवस नन्हे कदमों से ‘ग्रीन इंडिया, क्लीन इंडिया’ का संकल्प लिया एवं कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों के लिए “Green India, Clean India” विषय पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच एवं सुंदर शब्दों के माध्यम से स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषणमुक्त भारत की कल्पना को कागज पर जीवंत कर दिया।
तृतीय दिवस पर सीड बॉल निर्माण से सीखा प्रकृति को लौटाना….
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल निर्माण गतिविधि में भाग लिया। मिट्टी, जैविक खाद एवं स्थानीय पौधों के बीजों से सीड बॉल तैयार कर विद्यार्थियों को वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण तथा बंजर भूमि को हराभरा बनाने की प्राकृतिक प्रक्रिया से परिचित कराया गया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को यह समझाया कि प्रकृति के संरक्षण में छोटी-सी पहल भी बड़ा परिवर्तन ला सकती है।
चतुर्थ दिवस पर विद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने घरों से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लाकर उनका रोपण किया। पौधारोपण के साथ विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।
सीड बॉल थ्रोइंग के साथ हुआ समापन…..
पाँचवें एवं अंतिम दिवस पर सीड बॉल थ्रोइंग गतिविधि के साथ पौधारोपण सप्ताह का समापन हुआ। विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए सीड बॉल को उपयुक्त स्थानों पर फैलाकर प्राकृतिक हरियाली को बढ़ाने तथा जैव विविधता के संरक्षण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
प्राचार्य श्रीमती मोना चटर्जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा—
“प्रकृति हमें जीवन देती है और उसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। एक पौधा लगाना केवल मिट्टी में एक पौधा रोपना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, स्वस्थ वातावरण और सुरक्षित भविष्य की नींव रखना है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम केवल पौधे लगाएँ ही नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक स्नेह और जिम्मेदारी के साथ सँभालें। आज के छोटे-छोटे पर्यावरणीय संकल्प ही कल एक बड़े हरित परिवर्तन का आधार बनेंगे।”
उन्होंने विद्यार्थियों को “एक विद्यार्थी–एक पौधा–एक जिम्मेदारी” के भाव के साथ पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
पाँच दिवसीय पौधारोपण सप्ताह ने विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामूहिक सहभागिता की भावना को सशक्त किया। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—“हरियाली केवल धरती की सुंदरता नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की सुरक्षा है।”

