
नर्मदापुरम / जिले के शासकीय स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी के बावजूद उन्हें प्रशासनिक दफ्तरों में अटैच किए जाने से व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय में अटैच किया गया है। इस पदस्थापना के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। मामले को लेकर जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर, संभागायुक्त और उच्च शिक्षा आयुक्त से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। कन्या शाला और माध्यमिक विद्यालय में महिला कर्मचारियों व सहयोगियों की सख्त जरूरत होती है। इसके बावजूद पिछले 6 से 8 महीनों से कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर रखा है। कन्या शाला के अलावा विद्यालय में भी कर्मचारियों के न होने से दैनिक कामकाज और व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
मालाखेड़ी स्कूल में भी शिक्षकों की कमी…
शासकीय माध्यमिक शाला हायर सेकेंडरी स्कूल मालाखेड़ी में सीमा शर्मा की मनमानी है। मालाखेड़ी स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की भारी कमी है। इसके बावजूद यहां पदस्थ शिक्षिका सीमा शर्मा को एसडीएम कार्यालय में तैनात कर दिया गया है। शिक्षिका 10:30 बजे स्कूल पहुंचती हैं, अटेंडेंस रजिस्टर में हस्ताक्षर करती हैं और तुरंत एसडीएम दफ्तर में सेवाएं देती हैं, जो कि नियमों के सीधे खिलाफ है। शासकीय एस.एन.जी. स्कूल में 10 मिनट में हाजिरी लगाकर रवानगी
शासकीय एस.एन.जी. स्कूल में प्राचार्य की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा है। यहां पदस्थ एक शिक्षक रोज सुबह 11 बजे स्कूल आते हैं, हाजिरी दर्ज कराते हैं और एसडीएम कार्यालय में बाबूगिरी करने निकल जाते हैं। बताया जाता है कि यह शिक्षक पूर्व में भी कई स्कूलों में विवादित रहे हैं और प्रशासनिक सांठगांठ के दम पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं।
अधिकारियों की मिलीभगत और नियमों की धज्जियां….
शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में न लगाया जाए। इसके बावजूद अफसर अपनी सहूलियत के लिए शिक्षकों को दफ्तरों में बैठाए हुए हैं। शिक्षक केवल कागजी उपस्थिति (अटेंडेंस) दर्ज कराने स्कूल आते हैं ताकि वेतन न रुके और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल अटैचमेंट रद्द हो कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय में किए गए सभी अटैचमेंट तुरंत निरस्त कर शिक्षकों को मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में भेजा जाए। शिक्षकों और उन्हें संरक्षण देने वाले प्राचार्यों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
इनका कहना है….
अभी तो हमारे पास कोई भी शिक्षक अटैचमेंट नहीं किया गया है। एसडीएम कार्यालय में इस समय कोई बाबू और टीचर्स स्कूल के नहीं है।
देवेंद्र प्रताप सिंह,
एसडीएम, नर्मदापुरम.

