
नर्मदापुरम / पचमढ़ी / ‘मध्य प्रदेश की अमरनाथ यात्रा’ के नाम से प्रसिद्ध 10 दिवसीय कठिन एवं दुर्गम नागद्वारी यात्रा का आज से शुभारंभ हो गया है। नाग पंचमी (17 अगस्त) तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा में महाराष्ट्र और विदर्भ सहित देश भर से 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वर्ष में केवल 10 दिनों के लिए खुलने वाले नाग देवता के इस प्राचीन मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालु ऊंची पहाड़ियों, संकरे रास्तों और गहरी घाटियों को पार करते हुए 18 किलोमीटर का पैदल ट्रैक तय करेंगे। ‘बम भोले’ और ‘नागदेव’ के जयघोषों के साथ शुरू हुई इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सतपुड़ा के प्राकृतिक वातावरण का अद्भुत अनुभव भी मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर….
इस बार मेला प्रशासन ने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। मेले में स्वच्छता बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने साथ ले जाई जाने वाली प्लास्टिक सामग्री, बोतलें और कचरा वापस साथ लेकर आएं, ताकि संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र को नुकसान न पहुंचे।
बारिश बनी शुभ संकेत….
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले पचमढ़ी में हुई बारिश को भक्तों और प्रशासन के लिए राहत भरा माना जा रहा है। यात्रा के दुर्गम मार्ग पर यदि निरंतर बारिश होती रहती है, तो यात्रा आसान होती है और भीड़ के कारण फैलने वाली गंदगी व बीमारियों का खतरा भी काफी कम हो जाता है। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनाई जा सके।

