
नर्मदापुरम / शहर में संचालित मीना फ्रैक्चर हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मरीज के इलाज में घोर लापरवाही बरतने और आयुष्मान भारत निरामयम योजना में वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़ा का दोषी पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल के खिलाफ दोहरा कड़ा कदम उठाया है। एक तरफ जहां अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वहीं दूसरी तरफ आयुष्मान योजना से अस्पताल की पात्रता निरस्त करने की सिफारिश भी की गई है।
यह है पूरा मामला….
हथवास पिपरिया निवासी श्रीमती रेखा अहिरवार पति अशोक अहिरवार ने जनसुनवाई एवं सीएमएचओ कार्यालय में मीना फ्रैक्चर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. ए. एस. मीना और उनके अन्य डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ कार्यालय ने 3 सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। दल ने शिकायतकर्ता, अस्पताल के संचालक डॉ. ए. एस. मीना और इलाज में शामिल अन्य डॉक्टरों के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनियमितताएं पाई गईं जिनमें आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद दोनों ऑपरेशनों के दौरान अस्पताल प्रशासन द्वारा अवैध रूप से पैसे लिए गए। मरीज की ओर से जांच समिति के समक्ष इसके ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। आयुष्मान योजना के तहत अधिक राशि का पैकेज बुक किया गया। इससे शासन को सीधा वित्तीय नुकसान पहुंचाया ।
इलाज में घोर लापरवाही…..
जांच दल की रिपोर्ट में मरीज के इलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरते जाने की बात प्रमाणित पाई गई। इसके चलते अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने नोटिस थमाया गया है। वहीं आयुष्मान भारत योजना से पात्रता निरस्त करने का प्रस्ताव सीएमएचओ कार्यालय द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत निरामयम भोपाल को पत्र भेजकर मीना फ्रैक्चर हॉस्पिटल की आयुष्मान योजना के तहत पात्रता को तत्काल निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत कार्यक्रम को भी भेजी गई।

