नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में आज दिनांक 03.08.2026 को प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार के मार्गदर्शन और डॉ वैशाली लाल के संयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। विज्ञान मॉडल एवं प्रोजेक्ट, निबंध(आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय का भारतीय विज्ञान और उद्योग में योगदान), रसायन विज्ञान के क्षेत्र में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के योगदान पर व्याख्यान, आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा।
छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए प्राचार्य ने बताया कि रसायन विज्ञान की उपयोगिता हमारे दैनिक जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रसायन विज्ञान का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. आर के चैकीकर ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जीवन मूल्यों को विकसित करने में बहुत महत्व है। रसायन विज्ञान हमारे दैनिक जीवन में किस प्रकार सम्मिलित है इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किये।
आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के व्यक्तित्व के संबंध में ज्ञानवर्धन करते हुए संयोजक डॉ वैशाली लाल ने उनका जीवन परिचय देते हुए उनकी सरलता को बताया। उनके जन्म, परिवार, पालन पोषण, शिक्षा, रोजगार से जुड़ी बातों पर प्रकाश डाला। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके लेखन और अनुसंधान में योगदान की जानकारी दी।
विभाग के प्राध्यापक डॉ. प्रदीप सिंह चैहान ने रसायन विज्ञान के साथ आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के इस क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के बारे में जानकारी दी। डॉ राहुल चैहान ने छात्राओं द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडल एवं प्रोजेक्ट की प्रक्रिया को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पुष्पा दुबे और प्राध्यापक डॉ. श्रुति गोखले ने छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। जिससे सभी छात्राएं भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित हों।
छात्राओं कु. श्रिया मनीष और कु. गीता नीखर ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय पर चर्चा करते हुए उपस्थित श्रोताओं में रसायन विज्ञान में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र जी के योगदान पर विस्तृत जानकारी एकत्रित की।
कार्यक्रम में डॉ वंदना मगरदे ने अपने वचन रखते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संचालन और सहयोग श्रीमती आभा वाधवा द्वारा किया गया।
आज के कार्यक्रम में छात्राओं सहित प्राध्यापक डॉ रफीक अली, डॉ दुर्गेश तेली, डॉ नारायण सिंह उप्रेलिया आदि उपस्थित रहे।

