
नर्मदापुरम / सावन माह के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर श्री जटाशंकर कावड़ यात्रा अपने 24वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री जटाशंकर कावड़ यात्रा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाली यह धार्मिक यात्रा 2 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 अगस्त तक चलेगी। यात्रा का शुभारंभ रविवार, 2 अगस्त को विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट स्थित मां नर्मदा के तट पर शाम 4 बजे चुनरी महोत्सव एवं दीपदान के साथ होगा।
समिति के मीडिया प्रभारी राजेंद्र मालवीय ने बताया कि चुनरी महोत्सव के दौरान मां नर्मदा का पूजन-अर्चन कर उन्हें चुनरी अर्पित की जाएगी तथा श्रद्धालुओं द्वारा दीपदान किया जाएगा। इसके अगले दिन सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 9 बजे विधिवत पूजा-अर्चना एवं मां नर्मदा के जल का अभिषेक कर कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। श्रद्धालु अपने कंधों पर कावड़ में मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पचमढ़ी स्थित भगवान श्री जटाशंकर महादेव के लिए रवाना होंगे।
समिति अध्यक्ष सुश्री राजो मालवीय के नेतृत्व में निकलने वाली यह यात्रा वर्षों से धार्मिक आस्था और जनभागीदारी का प्रतीक रही है। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु एवं कावड़िये विभिन्न गांवों और शहरों से शामिल होकर भगवान श्री जटाशंकर महादेव का जलाभिषेक करेंगे और पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
यात्रा का निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा….
2 अगस्त (रविवार): शाम 4 बजे सेठानी घाट पर चुनरी महोत्सव एवं दीपदान।
3 अगस्त (सोमवार): सुबह 9 बजे सेठानी घाट से कावड़ यात्रा का शुभारंभ, रात्रि विश्राम – आंचलखेड़ा।
4 अगस्त: आंचलखेड़ा से सेमरी हरचंद के लिए प्रस्थान।
5 अगस्त: सेमरी हरचंद से सुहागपुर के लिए प्रस्थान।
6 अगस्त: सुहागपुर से सुबह 9 बजे प्रस्थान, रात्रि विश्राम – पिपरिया।
7 अगस्त: पिपरिया से सुबह 9 बजे प्रस्थान, रात्रि विश्राम – मटकुली।
8 अगस्त: सुबह 8 बजे मटकुली से प्रस्थान, रात्रि विश्राम – पगार।
9 अगस्त: सुबह 7 बजे पगार से प्रस्थान, रात्रि विश्राम – अंबा माई।
10 अगस्त: सुबह 7 बजे अंबा माई से प्रस्थान कर पचमढ़ी स्थित श्री जटाशंकर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का विधिवत समापन होगा।
समिति ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है। सावन माह में आयोजित होने वाली यह कावड़ यात्रा नर्मदापुरम जिले की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था और उत्साह के साथ भाग लेते हैं।

