
नर्मदापुरम / उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला नर्मदापुरम रविकांत सिंह ने बताया कि प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक सरल एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत 30 जुलाई 2026 से उर्वरक वितरण व्यवस्था हाईब्रिड मोड में लागू की गई है। यह व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के सरलीकरण के लिए गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई थी। अब संशोधित व्यवस्था के तहत विक्रेताओं को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उर्वरकों का वितरण करना होगा।
निर्देशानुसार 30 जुलाई 2026 तक ई-विकास प्रणाली से वितरित उर्वरकों का पूरा अभिलेख सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। वहीं 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक किसानों को वितरित किए जाने वाले उर्वरकों के संबंध में विक्रेताओं को किसान के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर तथा कंपनीवार एवं उर्वरकवार (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं एमओपी) वितरित मात्रा का विस्तृत रिकॉर्ड संधारित करना होगा। शासन के निर्देशानुसार हाईब्रिड मोड में किए गए उर्वरक वितरण का विवरण बाद में ई-विकास पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही यह जानकारी पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों, एम.पी. एग्रो के विक्रय केंद्रों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा निर्धारित प्रारूप के रजिस्टर में अनिवार्य रूप से संधारित की जाएगी। कृषि विभाग ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं से शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने तथा सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन एवं व्यवस्थित रूप से संधारित करने के लिए निर्देशित किया है।

