
नर्मदापुरम / जिले के बाबई ब्लॉक अंतर्गत आने वाले सांगाखेड़ा आरी रोड स्थित बालाजी वेयरहाउस पाठक का केंद्र में संचालित मूंग खरीदी केंद्र इन दिनों अव्यवस्थाओं और धांधली का गढ़ बनता जा रहा है। खून-पसीने की कमाई बेचने आए किसान पिछले तीन-चार दिनों से कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। केंद्र पर तुलाई की धीमी गति के कारण 2 से 4 दिनों तक लाइन में खड़ा रहने को मजबूर हैं। किसानों के साथ अभद्रता करने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
मिट्टी, मिलावट और धान खरीदी के पुराने खेल पर उठे सवाल….
वर्तमान में मूंग खरीदी में मिट्टी मिलाई जा रही है। यदि इस मामले की भी बारीकी से जांच-पड़ताल की जाए तो एक बड़ा खुलासा हो सकता है। ऐसे ही बालाजी वेयरहाउस में पहले धान खरीदी में रेत में गड़बड़ी थी और अभी भी इस वेयरहाउस की जांच-पड़ताल की जाए तो वेयरहाउस के अंदर धान खरीदी और मिलावट का पूरा मामला देखा जा सकता है। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों ने जांच-पड़ताल तो की थी, लेकिन मामले में लीपा-पोती कर दी गई।
क्षेत्राधिकार उल्लंघन और सांठगांठ का शक सबसे बड़ा जांच का विषय यह है कि नर्मदापुरम की समिति को बाबई ब्लॉक में केंद्र बनाने की अनुमति कैसे मिली? सूत्रों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, इसमें कुछ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की शह होने की पूरी आशंका है। विवादित इतिहास के बावजूद मेहरबानी उक्त वेयरहाउस संचालक की पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद उसी स्थान पर दोबारा खरीदी केंद्र स्थापित करना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
कलेक्टर की कार्रवाई के बाद भी बेखौफ…..
कलेक्टर द्वारा माखन नगर क्षेत्र में गड़बड़ी करने वाले कई वेयरहाउस संचालकों पर सख्त रुख अपनाते हुए केस दर्ज कराई गई है। इसके बाद भी सांगाखेड़ा आरी रोड के केंद्र पर अनियमिताएं जारी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन इस वेयरहाउस और समिति के कामकाज की बारीकी व निष्पक्षता से जांच कराए, तो मूंग खरीदी में चल रहा एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा और खेल उजागर हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से औचक जांच की मांग की है। बाबई में केंद्र बनाने के निर्णय की निष्पक्ष जांच हो। तुलाई व्यवस्था तेज कर किसानों के साथ अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वर्तमान मूंग खरीदी में मिट्टी की मिलावट तथा पूर्व में धान खरीदी में हुई धांधली की भी बारीकी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

