
नर्मदापुरम / एक ओर जहां सरकार और सामाजिक संस्थाएं पर्यावरण बचाने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे बड़े-बड़े वृक्षारोपण अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर नर्मदापुरम में प्रशासनिक संवेदनहीनता और नगर पालिका कर्मचारियों की कथित तानाशाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों के विरोध, नगर पालिका के आधिकारिक पंचनामे और कलेक्टर से की गई लिखित शिकायत के बावजूद वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। दस्तावेजों और फोटो से उजागर हुई मुख्य बातें 25 वर्षों से की जा रही थी देखभाल (शिकायत पत्र अनुसार) स्थान वार्ड नंबर 07, मेन रोड, सदर बाजार, एचडीएफसी बैंक (मीना ज़ेरॉक्स) के सामने।पेड़ लगभग 25 वर्ष पुराने नीम और 4-5 अशोक के हरे-भरे छायादार वृक्ष, जिन्हें मकान मालिक (सतीश वर्मा जी) और वार्डवासी बीते दो दशकों से भी अधिक समय से अपने बच्चों की तरह सींच रहे थे। ये वृक्ष सड़क से काफी अंदर स्थित थे और यातायात में किसी भी प्रकार से बाधक नहीं थे अमृत जल योजना और पंचनामा (14/07/2026) अमृत जल योजना’ के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के नाम पर कार्यदायी एजेंसी द्वारा वृक्षों को काटने की अनुमति चाही गई थी।दिनांक 14 जुलाई 2026 को मौके पर बने पंचनामे में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि मकान मालिक ने पेड़ काटने पर कड़ा ऐतराज जताया था और पाइपलाइन को पेड़ों वाली जगह छोड़कर दूसरी जगह से निकालने का विकल्प दिया था।पंचनामे पर धर्मेंद्र बामने, राहुल रावत, इंद्र पटेल, सतीश वर्मा, अभिजीत सिंह राजपूत एवं नगर पालिका कर्मचारी जे.पी. चौरसी (उ.श्रे.लि.) सहित अन्य के हस्ताक्षर मौजूद हैं।कलेक्टर कार्यालय व जनसुनवाई में गुहार (28/07/2026) नगर पालिका द्वारा पंचनामा बनाए जाने के बाद भी जब पेड़ काटने का प्रयास नहीं रुका, तो 28 जुलाई 2026 को कलेक्टर महोदय (नर्मदापुरम) के नाम आवक लिपिक शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। इसके अलावा जनसुनवाई में भी मामले की शिकायत कर पर्यावरण हानि रोकने और संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
सांठगांठ और लेन-देन का गंभीर आरोप…..
स्थानीय सूत्रों एवं वार्डवासियों का आरोप है कि इस पूरी कार्रवाई के पीछे व्यावसायिक स्वार्थ और नगर पालिका कर्मचारियों की मिलीभगत है। बताया जा रहा है कि आसपास के कुछ लोग अपने घर के सामने व्यावसायिक दुकानें संचालित करना चाहते थे, जिन्हें ये पुराने छायादार पेड़ अपनी दुकानों की दृश्यता (Visibility) में बाधक लग रहे थे। आरोप है कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने साठगांठ कर और अच्छी-खासी रकम लेकर इन हरे-भरे पेड़ों को कटवा दिया।
वार्डवासियों का आक्रोश और मांग शिकायतकर्ता सतीश वर्मा, आकाश, हर्ष दुबे, मनोज सहित वार्ड क्र. 07 के समस्त निवासियों ने इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है। नागरिकों का कहना है कि जब पंचनामा बन चुका था और कलेक्टर को शिकायत दी जा चुकी थी, तब भी प्रशासन ने पेड़ों को क्यों नहीं बचाया वार्डवासियों ने जिला प्रशासन एवं कलेक्टर नर्मदापुरम से मांग की है कि हरे-भरे वृक्षों को काटने का आदेश/परमिशन देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच की जाए। भ्रष्टाचार एवं अवैध कटाई में संलिप्त दोषियों पर तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

