


नर्मदापुरम / स्प्रिंगडेल्स सीनियर सेकेंण्डरी स्कूल में 27 जुलाई 2026 को स्पिक मैके के तत्वावधान में भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृति पर आधारित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत गीत के साथ हुआ, जिसने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण देश की प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका सुश्री सोहिनी रॉय चौधरी एवं सुप्रसिद्ध युवा तबला वादक मनोज पाटीदार रहे। दोनों कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा, रागों की विशेषताओं तथा लय-ताल की बारीकियों को अत्यंत सरल एवं रोचक ढंग से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों अजीत सिंह आनंद एवं शिवम अतुलकर ने तबला वादन तथा कृतिका महंत ने हारमोनियम पर संगत कर अपनी संगीत प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति को अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहा तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मोना चटर्जी, राम सेवक शर्मा सेवानिवृत्त संगीत व्याख्याता होम साइंस कालेज, प्राण कृष्ण सांई संगीत शिक्षक, आनंद नामदेव वीणा पाणी संगीत संस्था संचालक एवं उपप्राचार्य श्रीमती लक्ष्मी पलोहिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में प्राचार्य श्रीमती मोना चटर्जी ने कहा कि स्पिक मैके जैसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय कला, संस्कृति एवं शास्त्रीय संगीत की समृद्ध विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सौंदर्यबोध, अनुशासन, संवेदनशीलता तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती अंजली पटेल ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया। आयोजन विद्यालय के संगीत शिक्षक श्री विशाल सागर एवं श्रीमती अंजली वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों एवं कलाकारों का विद्यालय परिवार की ओर से स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया तथा आभार व्यक्त किया गया।
भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुर स्वरलहरियों से सुसज्जित यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संगीत एवं परंपराओं से जुड़ने का एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।

