

नर्मदापुरम / जिले में कानून व्यवस्था, शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित किसान आंदोलन को ध्यान में रखते हुए आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारी लगातार शहरी क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
आम नागरिकों की सुविधा प्राथमिकता…..
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले में आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य और सुगम बना रहे। इसके लिए शहर के मुख्य चौराहों, बाज़ारों और एंट्री पॉइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान भी तैयार किया गया है, जिससे किसी भी नागरिक को आवागमन में परेशानी न हो। फील्ड में डटे सभी प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहे हैं। प्रशासनिक अमला ज़मीनी स्तर पर पल-पल की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या अफवाहों को तुरंत रोका जा सके। संवाद और संवेदनशीलता पर जोर एक तरफ जहाँ सुरक्षा के अभेद्य इंतज़ाम किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए किसान संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी निरंतर सकारात्मक संवाद बनाए हुए है। शांतिपूर्ण वातावरण में समाधान और सहयोग की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है।
नागरिकों से सहयोग की अपील…..
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने नर्मदापुरम जिलेवासियों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपनी ज़िम्मेदार भूमिका निभाएं।
“जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। सभी अधिकारी मैदान में तैनात हैं।”

