
नर्मदापुरम / भोपाल / विगत दिवस पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक हिंदी विषय पढ़ाने वाले कुशल प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में सम्पन्न हुआ, जिसके समापन सत्र में अपर संचालक लोक शिक्षण डॉ. मनीष वर्मा ने उक्त उदगार व्यक्त किए। उन्होंने हिन्दी को विश्व में सर्वाधिक बोली जाने तीसरे स्थान की भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी भाषा के गद्य एवं पद्य में सभी रसों – वीर रस, श्रृंगार रस, हास्य रस, रौद्र रस, करुण रस, भक्ति रस, वात्सल्य रस इत्यादि का समावेश होता है। यदि शिक्षक कक्षा में हिन्दी के पाठों का प्रभावी तरीके से गतिविधि आधारित शिक्षण कार्य संचालित करे तो विद्यार्थी न केवल हिन्दी की विभिन्न विधाओं एवं रसों को समझेंगे, बल्कि उनका मनोविकास होकर बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण भी होगा। डॉ वर्मा ने अपने बचपन में हिंदी शिक्षक द्वारा पढ़ाए गई राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यंग्यकार डॉ. हरिशंकर परसाईं की रचना- भैंसा, भेड़िया और मानव को सुनाते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों को मानव बनाना है। हिन्दी भाषा शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण इस प्रकार करना है कि वे संवेदनशील, परोपकारी, प्रकृति प्रेमी एवं देशभक्त नागरिक बनें । इस अवसर पर क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के प्राचार्य प्रोफ़ेसर शिव कुमार गुप्ता, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ रत्नमाला आर्य, हिंदी के विभागाध्यक्ष, स्रोत प्रशिक्षक अरुणाभ सौरभ एवं पीएम श्री योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्रभारी राजकुमार जैन इत्यादि उपस्थित थे। यह उल्लेखनीय है कि हिंदी विषय के इस 5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश के 52 जिलों के पीएम श्री विद्यालयों के 90 कुशल प्रशिक्षकों ने भाग लिया।

