

नर्मदापुरम / जनपद पंचायत नर्मदापुरम की ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा में सरपंच के प्रभार को लेकर प्रशासनिक खींचतान और भावी जनाक्रोश का माहौल निर्मित हो गया है। जिला बदर की कार्रवाई झेल चुके पूर्व सरपंच माखनलाल कीर को पुनः प्रभार सौंपने के आदेश के बाद गांव में दहशत और असंतोष का माहौल है। वहीं दूसरी ओर, गांव की शांति, सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा ग्रामीणों की ढाल बनकर सामने आए हैं।मामला क्या है? (अपराध बनाम पारदर्शी शासन) ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा को भयमुक्त वातावरण देने और विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं चल रही थीं।
16 मार्च 2026 (जिला बदर आदेश) गंभीर आपराधिक व असामाजिक गतिविधियों के चलते न्यायालय जिला दंडाधिकारी नर्मदापुरम ने माखनलाल कीर (पिता: घूड़िया कीर) को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया था। 04 मई 2026 (कैलाश दायमा की नियुक्ति) माखनलाल के निष्कासन के बाद पंचायत का कामकाज ठप न हो, इसके लिए म.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 38 के तहत कैलाश दायमा (पिता: स्व. रामलाल जी दायमा) को सर्वसम्मति व शासकीय आदेश से स्थानापन्न सरपंच का दायित्व सौंपा गया। कैलाश दायमा ने पदभार संभालते ही गांव में चल रहे अवैध कारोबारों पर नकेल कसी और निष्पक्ष विकास की नींव रखी।
शर्तो पर मिली आंशिक राहत, थाने में लगानी होगी हाजिरी….
संभाग आयुक्त न्यायालय से माखनलाल कीर को निष्कासन आदेश में आंशिक संशोधन जरूर मिला है, लेकिन न्यायालय ने कड़ी शर्त रखी है कि उन्हें प्रति सप्ताह संबंधित थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। साथ ही, किसी भी असामाजिक या आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर यह राहत स्वतः निरस्त मानी जाएगी। इसके बावजूद, जनपद पंचायत नर्मदापुरम द्वारा 07 जुलाई 2026 को जारी प्रभार हस्तांतरण के आदेश (क्रमांक/सू.धा./I/1146462/2026) के बाद से ही ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जनहित में कैलाश दायमा की दहाड़: “गांव में गुंडागर्दी और अवैध खनन बर्दाश्त नहीं” माखनलाल कीर की वापसी की आहट से गांव का माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा ने 09 जून 2026 को ही कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद अधिकारियों को शिकायती आवेदन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
कैलाश दायमा द्वारा उठाए गए….
अवैध रेत खनन व वसूली का आरोप दायमा ने खुलकर आरोप लगाया कि माखनलाल कीर व उनके परिजनों द्वारा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन, अवैध वसूली और ग्रामीणों को डराने-धमकाने का काम किया जाता रहा है। प्राकृतिक न्याय की मांग दायमा ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि किसी दागी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को बिना ग्रामीणों व वर्तमान जनप्रतिनिधियों का पक्ष सुने एकतरफा प्रभार देना गांव की सुरक्षा और शांति के साथ खिलवाड़ है। प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल जिस व्यक्ति पर हर हफ्ते थाने में हाजिरी लगाने की कानूनी शर्त लागू हो, उसके हाथों में पंचायत की बागडोर सौंपना कितना न्यायसंगत है? स्थानीय कोठी बाजार में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई डोंगरवाड़ा के भावी संकट और प्रशासनिक एकतरफा रवैये को उजागर करने के लिए शुक्रवार को स्थानीय कोठी बाजार स्थित ‘आयरन होटल’ में एक विशेष पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। इस पत्रकार वार्ता में स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा और गांव के गणमान्य नागरिक मीडिया के समक्ष माखनलाल कीर के आपराधिक रिकॉर्ड, अवैध रेत खनन के सबूत और प्रशासनिक अनदेखी की पूरी सच्चाई उजागर करने उतरे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि डोंगरवाड़ा को भयमुक्त नेतृत्व चाहिए और वे अवैध गतिविधियों के खिलाफ कैलाश दायमा के साथ मजबूती से खड़े हैं।

