

नर्मदापुरम / मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को ए.डी.आर. सेंटर, नर्मदापुरम में पैरालीगल वालेंटियर्स के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम और साइबर सुरक्षा के प्रति वालेंटियर्स को जागरूक कर डिजिटल न्याय प्रणाली को आमजन तक पहुंचाना है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्रीमती शर्मा द्वारा उपस्थित पैरालीगल वालेंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य डिजिटल न्याय प्रणाली को जन-जन तक पहुंचाना और साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों के पांच सत्र आयोजित किए गए। जिला न्यायालय के जूनियर सिस्टम एनालिस्ट श्री शोएब खान ने सीआईएस 3.2 की डिजिटल व्यवस्था, ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समन, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट देखने की प्रक्रिया सहित ई-कोर्ट मोबाइल ऐप और सिटिजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव डेमो देकर जानकारी दी। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक श्री प्रवीण मालवीय ने फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, आइडेंटिटी थेफ्ट, मालवेयर और रैनसमवेयर जैसे साइबर खतरों से बचाव के तरीके बताए।
अंतिम सत्र में मजबूत पासवर्ड बनाना, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, डेटा प्राइवेसी तथा साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर समस्त न्यायाधीशगण, सुश्री के. शिवानी न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।

