
नर्मदापुरम / थाना कोतवाली जिला नर्मदापुरम् के अपराध में धारा 326 (जी) बीएनएस में सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम् के न्यायालय में आज दिनांक 24-जुलाई-2026 को निर्णय पारित किया गया। जिसमें आरोपी राजू पवार आ. गुलाबराव पवार को धारा 326 (छ) बीएनएस के अंतर्गत पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 के अर्थदंड से दडित किया गया। अर्थदंड की राशि अदायगी में व्यतिक्रम पर क्रमशः छः माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताए जाने के आदेश दिए गए। प्रकरण अभियोजन की तरफ से पैरवी शैलेन्द्र कुमार गौर, लोक अभियोजक शासकीय अभिभाषक द्वारा की गई ।
लोक अभियोजक श्री गौर द्वारा बताया गया कि अभियोजन प्रकरण के अनुसार घटना दिनांक 04.12.2025 को फरियादिया बसीर के घर से काम करके शाम 04.30 बजे वापस आयी तो अभियुक्त राजू पुत्र गुलाबदास पवार घर पर था। फरियादी पर शंका करके अभियुक्त बोला कि तू बशीर के यहां काम करने क्यों जाती है, तो फरियादिया ने बोला कि तू जेल में बंद था तो मेरा तथा बच्चों का भरण पोषण कैसे होता । अभियुक्त गुस्सें में बोला कि आज में इस घर को आग लगा दूंगा, तेरे लिये कुछ नहीं बचने दूंगा। फरियादिया बिना कुछ बोले मोहल्ले में रामगोपाल की दुकान में सामान लेने चली गई। शाम करीब 05.30 बजे मोहल्ले के कमलेश सोनारे, सब्बों, प्रीति ने आकर उसे बताया कि तुम्हारे घर में राजू ने आग लगा दी है घर का सारा सामान जल रहा है। तब फरियादिया ने घर आकर देखा तो अभियुक्त घर के पास खडा था जो चिल्लाकर बोला कि मैने घर में आग लगाकर तुम्हारी ऐसी की तैसी कर दी है। सिद्धार्थ सावडे, रामचरण सावडे एवं पडोस के अन्य लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई। आग बुझाने के बाद देखा कि घर में रखा घरेलू उपयोग सामान, पहनने, ओढने, बिछाने के कपड़े, पंखा समस्त कागजात एवं प्लास्टिक के बक्से में रखे नगदी 30,000 रूपये जल गए थे। फरियादी को करीब 60,000 रूपये का नुकसान हुआ। फरियादी की सूचना के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 326 (जी) बीएनएस के अंतर्गत अपराध कमांक 964/2025 की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अन्वेषण के दौरान फरियादी की निशानदेही पर घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया। घटना स्थल से जले हुए अवशेष और अधजले कपड़े जप्त किये गये। फरियादिया व साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किए गए। अभियुक्त से पूछताछ करने के बाद उसके आधिपत्य से एक माचिस की डिब्बी जिसमें एक अधजली और 11 अन्य तीलिया थी, को जप्त किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। जप्तशुदा राख और अधजलीह सामग्री में ज्वलनशील पदार्थ की उपस्थिति की जांच हेतु उसे राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर भेजा गया, समस्त अन्वेषण उपरांत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया ।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 09 साक्षियों के कथन लेखबद्ध कराए गए कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया ।

