
नर्मदापुरम / मध्यप्रदेश सफाई मजदूर संघ शाखा इटारसी के प्रदेश अध्यक्ष महेश आर्य के नेतृत्व में आज संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, नर्मदापुरम को सफाई कर्मचारियों की 14 सूत्रीय मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारियों के वेतन, ईपीएफ, एरियर, नियमितीकरण, सुरक्षा उपकरण तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।
प्रदेश अध्यक्ष महेश आर्य ने कहा कि नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। यदि कोई कर्मचारी मात्र 10, 15 या 20 मिनट अथवा आधा घंटा भी विलंब से कार्यस्थल पर पहुंचता है, तो उसकी तीन दिन की मजदूरी काट ली जाती है, जबकि सेवा नियमों के अनुसार केवल वास्तविक अनुपस्थिति के अनुरूप ही वेतन कटौती की जा सकती है। उन्होंने इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की।
महेश आर्य ने बताया कि कई कर्मचारियों का ईपीएफ, जीपीएफ एवं एरियर लंबे समय से लंबित है तथा इसकी जानकारी भी कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके अलावा कई कर्मचारियों को दो-दो एवं तीन-तीन माह तक वेतन का भुगतान नहीं होता, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक माह की 5 तारीख तक वेतन भुगतान, लंबित एरियर का भुगतान तथा ईपीएफ की राशि समय पर जमा कराने की मांग की।
ज्ञापन में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित वेतन, वर्षाकालीन बरसाती, 15 अगस्त से पूर्व यूनिफॉर्म, सुरक्षा जूते, साप्ताहिक अवकाश, कंबल सहित कुल 14 मांगें प्रमुखता से रखी गई हैं।
इस अवसर पर अधिवक्ता सिद्धार्थ आर्य ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके श्रम और अधिकारों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं विधि सम्मत तरीके से शीघ्र समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें अपने वैधानिक अधिकार समय पर मिल सकें।
प्रदेश अध्यक्ष महेश आर्य ने कहा कि यदि निर्धारित समय में कर्मचारियों की मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो मध्य प्रदेश सफाई मजदूर संघ का प्रतिनिधिमंडल भोपाल जाकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त से मुलाकात करेगा तथा कर्मचारियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराएगा, जिससे कर्मचारियों को शीघ्र न्याय मिल सके।

