

नर्मदापुरम / पवित्र डोंगरवाड़ा स्थित अखंड मंडलेश्वर मंदिर में विराजित भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथ यात्रा इस वर्ष शहर में श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव के अद्भुत समन्वय के साथ सम्पन्न हुई। रथ यात्रा डोंगरवाड़ा से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई रामजी बाबा समाधि स्थल पहुँची, जहाँ विधि-विधान से पूजन-अर्चन सम्पन्न किया गया।
इसके पश्चात रथ यात्रा में नर्मदापुरम के चारों प्रमुख अखाड़ों — श्री बजरंग व्यायाम शाला एवं जिम ग्वालटोली, श्री बजरंग व्यायाम शाला भीलपुरा, महर्षि दयानंद व्यायाम शाला गुरुकुल तथा श्री बजरंग व्यायाम शाला मालाखेड़ी — के खलीफा, उस्ताद, पहलवानों एवं कन्याओं ने अत्यंत प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
अखाड़ों द्वारा बाना-बनेटी, तलवारबाज़ी, मुद्गल संचालन सहित विभिन्न पारंपरिक युद्धक एवं व्यायाम कला के मनोहारी प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल भारतीय पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति की समृद्धि को प्रदर्शित किया, बल्कि युवाओं में भी इसके प्रति नई प्रेरणा जागृत की।
रथ यात्रा के दौरान शहर में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों ने भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए तथा आतिशबाजी के माध्यम से अपनी खुशी का उत्साहपूर्वक इजहार किया। सेमरिटन्स स्कूल द्वारा सभी अखाड़ों का पुष्पमालाओं से स्वागत कर आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ाया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन एवं मार्गदर्शन पवन सिंह मौर्य, श्री नलिन कुमार पटेल, रूप सिंह मौर्य, संतोष मांझी, बलिराम सरयाम, खुशाल ठाकुर, गुंजन ठाकुर, परी मालवी, मंसी साहू, वंदनी मालवी, बुलबुल जोशी, पूनम साहू, मयूरी बाथोरे, नैना बाथोरे, मेहोनी चौहान, सलोनी यादव, सोनाली यादव, संजू साहू, विशाल साहू सहित अन्य समर्पित कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में हुआ। उल्लेखनीय है कि शहर में पहली बार अखाड़ों द्वारा इस स्तर का भव्य एवं संगठित प्रदर्शन देखने को मिला, जिसकी उपस्थित नागरिकों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम से प्रेरित होकर अनेक अभिभावकों ने अपने बच्चों को अखाड़ों में प्रशिक्षण दिलाने की इच्छा व्यक्त की तथा अखाड़ा प्रबंधन से इस संबंध में चर्चा भी की।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और शारीरिक कौशल के संरक्षण एवं संवर्धन का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर गया।

