
नर्मदापुरम / मध्य प्रदेश विधानसभा में नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले से जुड़े दो गंभीर वित्तीय और कूट रचना (जालसाजी) के मामलों पर विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (गृह विभाग) ने स्थिति स्पष्ट की है। नगर पालिका टैक्स वसूली में करोड़ो रुपये की गबन पर एफआईआर नगर पालिका नर्मदापुरम में वर्षों से जमा टैक्स की राशि में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायत विवरण नर्मदापुरम निवासी अभय वर्मा द्वारा 14 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम के समक्ष नगर पालिका के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा जनता से वसूले गए टैक्स की राशि में वित्तीय हेराफेरी को लेकर आवेदन दिया गया था। गबन की राशि शिकायत के अनुसार ₹7,78,91,654 की राशि का गबन/हेराफेरी की गई है।
जांच व पुलिस कार्रवाई मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नर्मदापुरम द्वारा की गई, जिसमें धोखाधड़ी और राशि गबन के तथ्य सही पाए गए।
दर्ज अपराध जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली, जिला नर्मदापुरम में अपराध क्रमांक 652/2026 के तहत धारा 420 (धोखाधड़ी) एवं 408 (अमानत में खयानत) भादवि के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
## 2. उपभोक्ता भंडारों में कूट रचना और गबन की जांच जारी
द्वितीय प्रश्न के तहत इटारसी क्षेत्र के उपभोक्ता भंडारों में कूट रचना (जाली हस्ताक्षर) कर फर्जी अध्यक्ष बनने और वित्तीय जालसाजी का मुद्दा उठाया गया। मामला प्रश्नकर्ता की शिकायत पर ‘रामनारायण उपभोक्ता भंडार, इटारसी’ एवं ‘स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार’ के अध्यक्षों के खिलाफ जाली हस्ताक्षर कर कूट रचना, धोखाधड़ी और गबन का आरोप है। प्रशासनिक कदम जिला दण्डाधिकारी (कलेक्टर), नर्मदापुरम द्वारा 23 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम को कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित किया गया। वर्तमान स्थिति इस प्रकरण की जांच थाना इटारसी द्वारा की जा रही है। वर्तमान में शिकायत आवेदन की जांच प्रक्रियाधीन होने के कारण आगामी रिपोर्ट प्रतीक्षित है।
विधानसभा में गृह विभाग द्वारा दी गई इस आधिकारिक जानकारी से साफ है कि नर्मदापुरम नगर पालिका टैक्स घोटाले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी जांच तेज कर दी गई है, वहीं इटारसी उपभोक्ता भंडार जालसाजी मामले की भी पुलिस स्तर पर बारीकी से जांच की जा रही है।
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